चाय श्रमिकों को पेंशन: अनित थापा ने श्रम मंत्री को लिखा पत्र

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खरसांग: ५८ वर्ष से अधिक आयु के चाय बागान श्रमिकों को पेंशन लाभ प्रदान करने का अनुरोध करते हुए गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के मुख्य कार्यपाल अनित थापा ने पश्चिम बंगाल के श्रम विभाग के मंत्री को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने बंद पड़े चाय बागानों के श्रमिकों के कल्याण से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दे की ओर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि फौलाई (असंगठित श्रमिक एवं मजदूरों की वृद्धावस्था आय सहायता योजना) अब तक ५८ वर्ष तक के श्रमिकों के लिए जीवनरेखा रही है, लेकिन इस आयु सीमा को पार करने के बाद वे किसी भी प्रकार के लाभ से वंचित हो जाते हैं।
इस संदर्भ में जीटीए प्रमुख अनित थापा ने चाय उद्योग में अपना जीवन समर्पित करने वाले, अक्सर कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले इन श्रमिकों के लिए पेंशन लाभ का विस्तार करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि अनेक श्रमिकों ने दशकों तक चाय उद्योग के विकास और समृद्धि में योगदान दिया है, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें किसी भी सामाजिक सुरक्षा के बिना छोड़ दिया जाता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इन श्रमिकों को सम्मानजनक और सुरक्षित आय प्रदान करने हेतु एक पेंशन योजना लागू करने पर विचार किया जाए, जिससे श्रमिकों और उनके परिवारों का कल्याण सुनिश्चित हो सके। यह कदम सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था में उनके अमूल्य योगदान की भी मान्यता देगा।
अनित थापा ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चाय श्रमिकों के हित में कार्य करना उनकी प्रशासनिक व्यवस्था तथा बीजीपीएम पार्टी की प्रतिबद्धता है। जीटीए सभा के उपाध्यक्ष राजेश चौहान ने मंत्री से भेंट कर अनुरोध पत्र सौंपा। मंत्री ने इस पर सकारात्मक विचार व्यक्त किया है, ऐसा राजेश चौहान ने बताया।

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