१६ साल बाद विश्व कप के फाइनल में पहुंचा स्पेन: सेमीफाइनल में फ्रांस २-० से बाहर

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नेत्र बिक्रम बिमली

​स्पेन १६ साल में पहली बार विश्व कप फुटबॉल के फाइनल में पहुंच गया है। बुधवार को डलास के एटी एंड टी स्टेडियम में खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में पूर्व चैंपियन फ्रांस को २-० से शिकस्त देकर स्पेन ने फाइनल का टिकट कटाया।
​साल २०१० में दक्षिण अफ्रीका में अपने इतिहास का एकमात्र विश्व कप खिताब जीतने के बाद से स्पेन कभी फाइनल में नहीं पहुंच सका था। इस टूर्नामेंट में मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन करने वाले स्पेन ने फाइनल तक के अपने सफर में विपक्षी टीमों को केवल १ गोल करने का मौका दिया है।
​नियंत्रित प्रदर्शन और पेनल्टी का मौका
​खेल के शुरुआती क्षणों से ही मैदान के बीच में स्पेनिश मिडफिल्डर रोड्री का दबदबा साफ नजर आया। उनके खेल नियंत्रण के चलते फ्रांसीसी टीम गोल करने के कोई खास मौके नहीं बना सकी।
​खेल के २२वें मिनट में मिकेल ओयारज़ाबाल ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्पेन को शुरुआती बढ़त दिलाई। फ्रांस के डिफेंडर लुकास डिग्ने द्वारा स्पेन के युवा खिलाड़ी लामिन यमाल को डी-बॉक्स के अंदर गिराए जाने के बाद स्पेन को यह पेनल्टी मिली थी। इस विश्व कप में ओयारज़ाबाल का यह ५वां गोल है।
​इसके बाद खेल के ५८वें मिनट में डैनी ओल्मो के बेहतरीन वन-टच पास को आगे बढ़ाते हुए पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल कर स्पेन की जीत सुनिश्चित कर दी।
​फ्रांस का सपना टूटा
​इस हार के साथ ही फ्रांस लगातार तीसरी बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचने से चूक गया है। साल २०१८ में रूस में विश्व कप जीतने वाला फ्रांस चार साल पहले कतर में अर्जेंटीना के हाथों पेनल्टी शूटआउट में हार गया था।
​पिछले ११ मैचों में फ्रांस पर स्पेन की यह ८वीं जीत है। इससे पहले यूरो २०२४ जीतने के सफर में भी स्पेन ने सेमीफाइनल में फ्रांस को २-१ से हराया था।
​अब स्पेन का मुकाबला रविवार को न्यू जर्सी में होने वाले फाइनल मैच में अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

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