नौकायन में भारत ने रजत पदक जीता, लेकिन टेनिस में निराशाजनक प्रदर्शन

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​नई दिल्ली: एशियाई खेलों में भारत ने नौकायन (सेलिंग) में अपना पहला पदक जीता। गुरुवार को पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंक्रिल नोबल की जोड़ी ने रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी ९ रेसों के बाद चीन की जोड़ी के पीछे दूसरे स्थान पर रही। भारतीय जोड़ी ने २३ अंकों के साथ रेगाटा (सेलिंग प्रतियोगिता) समाप्त की। वेन जाइडिंग और लियू तियान की चीन की जोड़ी ने १६ अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता। अकीरा ल्यूक सकाई और रसेल आयल्सवर्थ की हांगकांग की टीम २४ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रही। फ्रांसिस और नोबेल की जोड़ी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय जोड़ी का सबसे अच्छा नतीजा तीसरी रेस में आया, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। इसके अलावा भारतीय सेलर्स रेस १, ५ और ९ में दूसरे स्थान पर रहे। यह एशियाई खेलों की पुरुषों की स्किफ स्पर्धा में भारत का पहला रजत पदक और इस स्पर्धा में देश का दूसरा पदक है। इससे पहले वरुण ठक्कर और केसी गणपति ने जकार्ता २०१८ में कांस्य पदक जीता था। इस बीच भारतीय टेनिस टीम का १९८६ के बाद पहली बार एशियाई खेलों से बिना कोई पदक जीते लौटना तय हो गया है। सुमित नागल के पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर होने के साथ ही इस खेल में भारत की चुनौती समाप्त हो गई। पदक के दावेदार युगल टीमें बुधवार को ही हारकर बाहर हो गई थीं, जिसके बाद भारत की नजरें टूर्नामेंट के पुरुष एकल रैंकिंग में नंबर १ खिलाड़ी सुमित पर थीं। गुरुवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल में सुमित को चीन के यिबिंग वू के खिलाफ ४-६, ४-६ से हार का सामना करना पड़ा। मैच १ घंटे ३८ मिनट तक चला। उल्लेखनीय है कि भारत ने १९९० के बाद एशियाई खेलों में हर बार टेनिस में कम से कम एक पदक जीता है और इस बार भी कम से कम ३ पदकों की उम्मीद की जा रही थी।

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