अंकुश, परवीन और लवलीना स्वर्ण पदक जीतने में सफल, मुक्केबाजी में भारत के ६ पदक

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​नई दिल्ली: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में पुरुषों के ८० किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नागोया के निशियो जिम्नेजियम में खेले गए फाइनल में अंकुश ने दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को ४-० से पराजित किया। अंकुश की स्वर्णिम सफलता के साथ एशियाई खेलों में भारतीय मुक्केबाजी अभियान का समापन ३ स्वर्ण और ३ कांस्य पदकों के साथ हुआ। इस प्रकार भारत ने मुक्केबाजी में कुल ६ पदक जीते। अंकुश से पहले २ महिला मुक्केबाजों परवीन हुड्डा और लवलीना बोरगोहेन ने भी स्वर्ण पदक जीता। फाइनल में अंकुश ने पहले दौर से ही आक्रामक रुख दिखाया। उन्होंने तेजी के साथ सटीक घूंसे लगाकर अंक बटोरे। इस तरह पहला दौर ४-१ से भारत के नाम रहा। दूसरे दौर में भी अंकुश ने अपना वर्चस्व कायम रखा। दूसरे दौर में कोरियाई मुक्केबाज ने कुछ अच्छे पंच लगाए, लेकिन अंकुश की रक्षात्मक तकनीक और प्रतिआक्रमण के आगे उनकी एक न चली। इस प्रकार दूसरे दौर में भी पांचों निर्णायकों ने अंकुश को बढ़त दी। तीसरे दौर में भी अंकुश ने अपनी रणनीति नहीं बदली। उन्होंने रक्षा और आक्रमण के बीच अच्छा संतुलन दिखाया। अंकुश ने तीसरा दौर भी ४-१ से जीता। इस तरह फाइनल का फैसला ४-० से उनके पक्ष में रहा। चार निर्णायकों ने अंकुश को ३०-२६ से विजेता माना, जबकि एक निर्णायक ने स्कोर २८-२८ रखा। इस जीत के साथ अंकुश ने एशियाई खेलों के ८० किग्रा वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक का खाता खोला। अंकुश ने इस वर्ष ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था।
​इससे पहले परवीन ने महिलाओं के ६५ किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। परवीन ने फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को ३-२ से पराजित किया। परवीन ने फाइनल में असाधारण शुरुआत करते हुए पहला दौर ५-० से जीता। हालांकि, दूसरे दौर में चेन ने शानदार वापसी की। इसी कारण पांचों निर्णायकों ने परिणाम उनके पक्ष में दिया। निर्णायक दौर में परवीन ने धैर्य बनाए रखा और ३-२ से जीत हासिल की। इस प्रकार भारतीय मुक्केबाज को स्प्लिट डिसीजन में ३-२ से विजेता घोषित किया गया। इस जीत के साथ परवीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं। इससे पहले एमसी मैरी कॉम ने २०१४ इंचियोन एशियाई खेलों में ५१ किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। उसके बाद आज लवलीना बोरगोहेन ने भी स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने ७५ किग्रा वर्ग के फाइनल में चीन की बाओ जियी को ५-० से पराजित किया। इसके साथ ही लवलीना ने स्वर्ण पदक जीतकर अपने २९वें जन्मदिन का जश्न मनाने का अवसर प्राप्त किया। भारत ने एशियाई खेल २०२६ की मुक्केबाजी स्पर्धा में ३ कांस्य पदक भी जीते। कपिल पोखरिया ने पुरुषों के ९० किग्रा वर्ग में, नरेंद्र बरवाल ने पुरुषों के ९० किग्रा से अधिक भार वर्ग में तथा प्रिया घंघास ने महिलाओं के ६० किग्रा वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया।

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