श्याम सेल एंड पावर में श्री वेंकटेश्वर इलेक्ट्रोकास्ट के विलय को एनसीएलटी की मंजूरी, एक अप्रैल २०२४ से प्रभावी होगा विलय

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एल्युमिनियम फॉयल कारोबार के एकीकरण से परिचालन दक्षता बढ़ाने और कर देनदारी घटाने में मिलेगी मदद

कोलकाता: श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड (बीएसई: ५४३२९९, एनएसई: श्याममेटल) ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कोलकाता पीठ ने श्री वेंकटेश्वर इलेक्ट्रोकास्ट प्राइवेट लिमिटेड (एसवीईपीएल) के श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड (एसएसपीएल) में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। एनसीएलटी ने यह आदेश १६ अक्टूबर २०२६ को पारित किया। एसएसपीएल, श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड की प्रमुख पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है।
विलय को पूर्वव्यापी प्रभाव से एक अप्रैल २०२४ से प्रभावी माना जाएगा। योजना के अनुसार, एनसीएलटी के आदेश की प्रमाणित प्रति पश्चिम बंगाल के कंपनी रजिस्ट्रार (आरओसी) के पास दाखिल किए जाने के बाद एसवीईपीएल का अलग कानूनी अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसके बाद कंपनी की परिसंपत्तियां, देनदारियां, अनुबंध और कर्मचारी एसएसपीएल को हस्तांतरित हो जाएंगे।

एल्युमिनियम फॉयल कारोबार का होगा एकीकरण

इस विलय का प्रमुख उद्देश्य दोनों कंपनियों के पूरक कारोबारी परिचालनों को एक ही कॉरपोरेट ढांचे के अंतर्गत लाना है। इससे श्याम मेटालिक्स समूह के बढ़ते एल्युमिनियम फॉयल कारोबार को एकीकृत और सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
कंपनी के अनुसार, इस एकीकरण से परिचालन दक्षता में सुधार, आपूर्ति श्रृंखला के बेहतर समन्वय और बाजार तक पहुंच को आसान बनाने में सहायता मिलेगी। साथ ही, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संसाधनों के अधिक प्रभावी उपयोग के अवसर भी पैदा होंगे।

शेयर जारी किए बिना पूरा होगा विलय

एसवीईपीएल पहले से ही एसएसपीएल की शत-प्रतिशत पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। इसलिए विलय की प्रक्रिया के तहत एसएसपीएल द्वारा नए इक्विटी शेयर जारी या आवंटित नहीं किए जाएंगे। विलय प्रभावी होने पर एसवीईपीएल की मौजूदा शेयर पूंजी रद्द कर दी जाएगी।
इस व्यवस्था से समूह की कॉरपोरेट संरचना सरल होगी और दोनों कंपनियों के कारोबारी संसाधनों को एक ही इकाई के अंतर्गत प्रबंधित करना आसान होगा। कंपनी का कहना है कि इससे वित्तीय और परिचालन प्रबंधन में निरंतरता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
संचित घाटे और मूल्यह्रास से कर लाभ की उम्मीद
विलय का एक प्रमुख वित्तीय पहलू आयकर अधिनियम, १९६१ की धारा ७२ए के तहत मिलने वाला संभावित कर लाभ है। लागू कानूनी शर्तों को पूरा करने की स्थिति में एसएसपीएल को एसवीईपीएल के पात्र संचित कारोबारी घाटे और आगे समायोजन के लिए उपलब्ध अप्रयुक्त मूल्यह्रास का अपने लाभ के विरुद्ध समायोजन करने का लाभ मिल सकता है।
कंपनी के मुताबिक, इससे कर देनदारी में कमी आने और नकदी प्रवाह को मजबूती मिलने की संभावना है। धारा ११५बीएए के तहत लागू प्रभावी कॉरपोरेट कर दर के संदर्भ में भी इस समायोजन का वित्तीय प्रभाव महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कर लाभ पात्र घाटे, लागू प्रावधानों और संबंधित शर्तों पर निर्भर करेगा।
आयकर विभाग ने विलय की संशोधित प्रभावी तिथि एक अप्रैल २०२४ पर विचार करने के बाद १५ मई २०२६ को इस योजना के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी किया था।

प्रबंधन ने विलय को बताया महत्वपूर्ण कदम

श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बृज भूषण अग्रवाल ने कहा कि श्री वेंकटेश्वर इलेक्ट्रोकास्ट का श्याम सेल एंड पावर लिमिटेड में विलय करने के लिए एनसीएलटी की मंजूरी परिचालन के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, “एल्युमिनियम फॉयल जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों के विनिर्माण और विपणन ढांचे को एकीकृत करने से हमें परिचालन में अधिक लचीलापन मिलेगा। इससे अनावश्यक प्रशासनिक स्तरों को समाप्त करने और कार्यशील पूंजी का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, संचित घाटे के नियमानुसार समायोजन से कर बचत का लाभ मिल सकता है, जिससे कंपनी की कमाई और नकदी प्रवाह को सीधे लाभ पहुंचेगा।”
श्याम मेटालिक्स समूह को उम्मीद है कि इस विलय से एल्युमिनियम फॉयल कारोबार के प्रबंधन में अधिक समन्वय आएगा, संसाधनों का उपयोग बेहतर होगा और वित्तीय संरचना को सरल बनाने में सहायता मिलेगी।

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