नयी दिल्ली: यह ऐतिहासिक तिथि भारत के प्रथम दलित राष्ट्रपति के. आर. नारायणन के जन्मदिवस के रूप में इतिहास के पन्नों में दर्ज है। कोचेरिल रमण नारायणन का जन्म २७ अक्टूबर १९२० को केरल के त्रावणकोर जिले के उझानूर गांव में हुआ था। अपनी अथक मेहनत और संघर्ष के बल पर उन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में न केवल उच्च शिक्षा ग्रहण की, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने का गौरव भी प्राप्त किया। वे सन् १९९७ से २००२ तक भारत के राष्ट्रपति रहे।
देश और दुनिया के इतिहास की प्रमुख घटनाएँ~
१६७६: पोलिश-लिथुआनियाई राष्ट्रमंडल और ओटोमन (तुर्की) साम्राज्य के बीच ‘ज़ुराव्नो की संधि’ पर हस्ताक्षर किए गए। इस संधि के तहत ओटोमन साम्राज्य को पोडोलिया (कामीनेत्स्क किले सहित) पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की अनुमति मिली। यूक्रेन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से (राइट-बैंक यूक्रेन) का एक बड़ा भाग ओटोमन नियंत्रण में चला गया, जबकि शेष भाग पर पोलैंड का अधिकार बहाल हुआ। साथ ही, पोलैंड को बुचाच की पिछली संधि (१६७२) के तहत तुर्की को दिए जाने वाले वार्षिक कर से मुक्ति मिल गई।
१६८२: विलियम पेन ने पेंसिल्वेनिया में ‘फिलाडेल्फिया’ शहर की स्थापना की। उन्होंने इस शहर को ग्रिड प्रणाली के आधार पर डिजाइन किया था, जिसमें चौड़ी सड़कें और सार्वजनिक पार्क शामिल किए गए, ताकि यह उस समय के घने और संकीर्ण यूरोपीय शहरों जैसा न प्रतीत हो। ‘फिलाडेल्फिया’ नाम ग्रीक भाषा से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ “भाईचारे का प्रेम” है।
१७९५: अमेरिका और स्पेन के बीच ‘सैन लोरेंजो (पिंकनी) संधि’ पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत अमेरिका को मिसिसिपी नदी में नौवहन का अधिकार प्राप्त हुआ। अमेरिकी नागरिकों को न्यू ऑरलियन्स बंदरगाह पर बिना कर चुकाए सामान जमा करने और निर्यात करने की अनुमति मिली। इस संधि ने संयुक्त राज्य अमेरिका और स्पेनिश फ्लोरिडा के बीच ३१वें समानांतर उत्तरी अक्षांश पर दक्षिणी सीमा का निर्धारण किया। इस संधि पर अमेरिका की ओर से थॉमस पिंकनी और स्पेन की ओर से डॉन मैनुअल डी गोडॉय ने हस्ताक्षर किए थे।
१८०६: सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट के नेतृत्व में फ्रांसीसी सेना ऐतिहासिक ‘ब्रैंडेनबर्ग गेट’ के रास्ते प्रशिया की राजधानी बर्लिन में प्रविष्ट हुई। बर्लिन पर अधिकार करने के पश्चात नेपोलियन ने यहीं से ‘बर्लिन डिक्री’ जारी की, जिसके तहत ब्रिटेन के विरुद्ध महाद्वीपीय व्यवस्था लागू की गई।
१९२४: सोवियत संघ के भीतर मध्य एशिया के प्रशासनिक पुनर्गठन के अंतर्गत ‘उज़्बेक सोवियत समाजवादी गणराज्य’ का गठन किया गया। बुखारा पीपुल्स सोवियत रिपब्लिक, ख्वारज्म पीपुल्स सोवियत रिपब्लिक और तुर्कस्तान स्वायत्त सोवियत समाजवादी गणराज्य के क्षेत्रों को मिलाकर उज़्बेक एसएसआर बनाया गया और इसे सोवियत संघ के एक संघ गणराज्य के रूप में शामिल किया गया। प्रारंभिक दौर में समरकंद को इसकी राजधानी बनाया गया था, जिसे बाद में १९३० में बदलकर ताशकंद कर दिया गया। यह ३१ अगस्त १९९१ तक सोवियत संघ का हिस्सा रहा, जिसके उपरांत इसने स्वतंत्रता की घोषणा की और यह ‘उज़्बेकिस्तान’ के रूप में विश्व मानचित्र पर आया।
१९४७: जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह द्वारा २६ अक्टूबर १९४७ को हस्ताक्षरित ‘इंस्ट्रूमेंट ऑफ एक्सेसियन’ (भारत के साथ विलय-पत्र) को तत्कालीन गवर्नर-जनरल लॉर्ड माउंटबेटन ने आज के दिन स्वीकार किया। इसी दिन भारतीय सेना को श्रीनगर प्रेषित किया गया ताकि पाकिस्तान-समर्थित कबायली आक्रमणकारियों से राज्य की संप्रभुता की रक्षा की जा सके।
१९५८: जनरल अयूब खान ने पाकिस्तान के प्रथम राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा को सत्ता से बेदखल कर स्वयं देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली। यह पाकिस्तान के इतिहास का प्रथम सैन्य तख्तापलट था। इससे पूर्व ७ अक्टूबर १९५८ को राष्ट्रपति इस्कंदर मिर्जा ने देश में मार्शल लॉ लागू कर संविधान को निलंबित कर दिया था और जनरल अयूब खान को मुख्य मार्शल लॉ प्रशासक नियुक्त किया था। तत्पश्चात दोनों के मध्य सत्ता के वर्चस्व को लेकर मतभेद उत्पन्न हो गए, जिसके परिणामस्वरूप जनरल अयूब खान के वफादार सैन्य अधिकारियों ने इस्कंदर मिर्जा को पदत्याग के लिए बाध्य किया और उन्हें निर्वासित कर लंदन भेज दिया। अयूब खान १९६९ तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद पर रहे।
१९५९: पश्चिमी मेक्सिको के प्रशांत तट पर एक विनाशकारी चक्रवाती तूफान (हरीकेन) ने भारी तбаही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा, बाढ़ एवं भूस्खलन के कारण कम से कम २,००० व्यक्तियों की मृत्यु हो गई थी।
१९६८: मेक्सिको सिटी में १९वें ओलंपिक खेलों का समापन हुआ।
१९७८: मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात और इज़राइली प्रधानमंत्री मेनाखेम बेगिन को शांति स्थापना के प्रयासों हेतु संयुक्त रूप से ‘नोबेल शांति पुरस्कार’ प्रदान किया गया।
१९९५: यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने कीव स्थित चेरनोबिल परमाणु संयंत्र को सुरक्षागत गंभीर खामियों के कारण वर्ष २००० तक पूर्णतः बंद करने के लिए समय-सीमा निर्धारित की। इसी दिन यूक्रेन सरकार और जी-७ देशों के मध्य इस संयंत्र को बंद करने की रूपरेखा पर सहमति बनी।
१९९७: स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में १५वां राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों का सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस सम्मेलन का मुख्य केंद्रीय विषय “व्यापार, निवेश और विकास: समृद्धि के लिए साझेदारी” था। यह पहला अवसर था जब किसी राष्ट्रमंडल शिखर सम्मेलन में पूर्ण रूप से आर्थिक विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया था।
२००३: चीन के गांसु प्रांत में आए विनाशकारी भूकंप से ५०,००० से अधिक लोग प्रभावित हुए। यह भूकंप मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम चीन के मिनक्सियन और जंताओ काउंटियों में केंद्रित था, जिसमें कम से कम ९ लोगों की मृत्यु हुई और ४३ से अधिक लोग घायल हुए।
२००३: इराक की राजधानी बगदाद में सिलसिलेवार आत्मघाती कार बम धमाके हुए, जिसमें लगभग ४० लोगों की मृत्यु हो गई और २२४ से अधिक लोग घायल हुए। आतंकवादियों ने महज ४५ मिनट के भीतर इंटरनेशनल कमेटी ऑफ द रेड क्रॉस के मुख्यालय और बगदाद के विभिन्न पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया।
२००४: चीन ने भारी इंजीनियरिंग और उद्योग के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होने वाले एक विशालकाय क्रेन के निर्माण कार्य को पूरा किया। इस उपलब्धि ने देश के बुनियादी ढांचे और विनिर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दी। इसका उपयोग बड़े जहाजों के निर्माण, बंदरगाहों के विकास और भारी इस्पात संरचनाओं को उठाने में किया गया।
२००४: फ्रांस के तत्कालीन विदेश मंत्री माइकल बार्नियर दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुँचे, जहाँ दोनों देशों के मध्य द्विपक्षीय संबंधों, रणनीतिक साझेदारी एवं रक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
२००४: अमेरिकी बेसबॉल टीम ‘बोस्टन रेड सोक्स’ ने सेंट लुइस कार्डिनल्स को पराजित कर ८६ वर्षों के दीर्घ अंतराल के पश्चात ‘वर्ल्ड सीरीज़’ का खिताब अपने नाम किया।
२००८: भारत सरकार ने समाचार पत्र उद्योग के पत्रकारों और गैर-पत्रकार कर्मचारियों के लिए मूल वेतन पर ३० प्रतिशत अंतरिम राहत की आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
२०१७: कातालूनिया की संसद ने स्पेन से स्वतंत्रता संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए सरकार को बर्खास्त कर नए चुनाव कराने के निर्णय पर अपनी मुहर लगाई।
२०२१: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने ‘पेगासस’ जासूसी प्रकरण की स्वतंत्र जाँच के लिए एक विशेषज्ञ तकनीकी समिति का गठन किया। इस समिति की देखरेख सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर.वी. रवींद्रन ने की, जिन्हें पूर्व आईपीएस अधिकारी आलोक जोशी और डॉ. संदीप ओबेरॉय का सहयोग प्राप्त था।
२०२१: भारत ने ओडिशा स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सतह से सतह पर मार करने वाली ‘अग्नि-५’ बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इसकी मारक क्षमता ५,००० किलोमीटर से अधिक है।
२०२१: चीन ने ‘कुआझोउ-१ए’ ठोस ईंधनयुक्त कम लागत वाले लघु रॉकेट के माध्यम से ‘जिलिन-१ गावफेन ०२एफ’ नामक ऑप्टिकल सुदूर संवेदी उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया।
२०२१: अमेरिकी फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ‘चाइना टेलीकॉम (अमेरिका)’ के अमेरिकी बाजार में परिचालन संबंधी अधिकार रद्द कर दिए और कंपनी को ६० दिनों के भीतर अपनी घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय सेवाएं बंद करने का आदेश दिया।
२०२२: इटली के माउंट एटना पर आग बुझाने में संलग्न एक कनाडाई अग्निशामक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे उसमें सवार दोनों पायलटों की मृत्यु हो गई।
२०२२: अमेरिका के ओकलाहोमा में एक ही परिवार के आठ सदस्य अपने आवास पर मृत पाए गए, जो कि सामूहिक हत्या और आत्महत्या का एक संदिग्ध मामला था।
२०२२: इज़राइल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क के समीप हवाई हमले किए, जिसमें ईरान-समर्थित चार लड़ाके मारे गए।
२०२२: भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में अपना ७५वां इन्फेंट्री दिवस (पैदल सेना दिवस) मनाया। इस अवसर पर देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर का दौरा किया।
२०२२: पाकिस्तान के लाहौर में एक भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को घेरकर ‘घड़ी चोर’ के नारे लगाए, जिससे वहां तीव्र राजनीतिक तनाव उत्पन्न हो गया।
२०२३: म्यांमार के गृहयुद्ध में ‘ऑपरेशन १०२७’ का सूत्रपात हुआ, जिसकी शुरुआत २७ अक्टूबर २०२३ को हुई थी। इस सैन्य अभियान का नाम इसकी तिथि (१०/२७) पर आधारित है। इसे ‘थ्री ब्रदरहुड अलायंस’ नामक विद्रोही गठबंधन द्वारा सैन्य जुंटा (तत्माडॉ) के विरुद्ध अब तक का सबसे बड़ा और समन्वित हमला माना जाता है।
२०२३: अमेरिका के मेन राज्य के लेविस्टन शहर में २५ अक्टूबर को हुई अंधाधुंध गोलीबारी में १८ लोगों की हत्या करने वाला हमलावर रॉबर्ट कार्ड दो दिनों की सघन तलाश के बाद २७ अक्टूबर को एक रीसाइक्लिंग प्लांट के समीप मृत अवस्था में पाया गया।
२०२३: मिस्र के लाल सागर तट स्थित ताबा शहर में एक मिसाइल (या ड्रोन) के गिरने से एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई और कम से कम ६ लोग घायल हो गए। अनुमान लगाया गया कि यह मिसाइल यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इज़राइल को लक्षित कर दागी गई थी जो मार्ग से भटककर मिस्र में गिरी।
२०२३: चीन के पूर्व प्रधानमंत्री ली केकियांग का शंघाई में ६८ वर्ष की आयु में अचानक हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) से निधन हो गया। उन्होंने वर्ष २०१३ से २०२३ तक चीन के प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा की थी।
२०२३: जम्मू के अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी और मोर्टार दागे गए, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान और कई नागरिक घायल हुए। इसी क्रम में कुपवाड़ा में घुसपैठ के प्रयास को विफल करते हुए सुरक्षा बलों ने ५ आतंकवादियों को ढेर किया।
२०२४: मेक्सिको के मध्य राज्य ज़ाकाटेकास में हुए भीषण सड़क हादसे में १९ लोगों की मृत्यु हो गई और ६ अन्य घायल हो गए। मक्का से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रेलर के पिछले हिस्से से यात्रियों को लेकर सियुदाद जुआरेज़ जा रही बस की टक्कर के कारण यह दुर्घटना हुई।
२०२४: भारत के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा को लेकर अफरा-तफरी का माहौल रहा। दिल्ली से हैदराबाद जा रही विस्तारा एयरलाइंस की एक उड़ान में बम होने की सूचना मिलने पर उसकी जयपुर में आपातकालीन लैंडिंग (इमरजेंसी लैंडिंग) करानी पड़ी। इसके अतिरिक्त तिरुपति, उदयपुर, सूरत और लखनऊ के कई प्रमुख होटलों को भी बम से उड़ाने के धमकी भरे ईमेल प्राप्त हुए।
२०२५: भारत में अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे पर कणभा के निकट एक कार, निजी बस और तेज रफ्तार ट्रक के बीच हुई भीषण टक्कर में ३ लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई तथा १५ से अधिक लोग घायल हो गए।
२०२५: झारखंड के चाईबासा सदर अस्पताल में थैलेसीमिया से पीड़ित ५ बच्चों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सिविल सर्जन (सुशांतो कुमार माझी) सहित कई संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को निलंबित कर दिया गया तथा पीड़ित परिवारों को २-२ लाख रुपये की आर्थिक सहायता एवं संपूर्ण निःशुल्क चिकित्सा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।
२०२५: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा शहर में एक अनियंत्रित तेज रफ्तार डिफेंडर कार ने बाइक, स्कूटी और पिकअप सहित ५ वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे ३ लोगों की मृत्यु हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
२०२५: अमेरिकी सेना ने पूर्वी प्रशांत महासागर (कोलंबिया तट के समीप) में संदिग्ध ड्रग तस्करों की चार नावों को हवाई हमलों में निशाना बनाया, जिसमें कुल १४ लोगों की मौत हो गई। पेंटागन के अनुसार, ये नावें ‘नार्को-आतंकी’ संगठन द्वारा संचालित थीं और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रही थीं।
२७ अक्टूबर को जन्मे प्रसिद्ध व्यक्तित्व~
१८११: आइजैक मेरिट सिंगर – अमेरिका के प्रसिद्ध आविष्कारक और ‘सिंगर सिलाई मशीन’ के संस्थापक।
१८६४: जॉन एम. “जैक” मैक – अमेरिकी आविष्कारक और ‘मैक ट्रक्स’ के सह-संस्थापक।
१९०४: यतीन्द्रनाथ दास – महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रांतिकारी (कोलकाता में जन्म)।
१९२०: के. आर. नारायणन – भारत के १०वें और देश के प्रथम दलित राष्ट्रपति।
१९२६: नाना जोशी – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर।
१९२८: दत्ताजी राव गायकवाड़ – भारतीय पूर्व टेस्ट क्रिकेटर।
१९४५: लुइज़ इंसियो लूला दा सिल्वा – ब्राजील के राष्ट्रपति।
१९५४: अनुराधा पौडवाल – प्रख्यात भारतीय पार्श्व गायिका।
१९६६: दिब्येन्दु बरुआ – भारत के दूसरे शतरंज ग्रैंड मास्टर।
१९८४: इरफान पठान – भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर।
२७ अक्टूबर को हुए प्रमुख निधन~
९२५ ईस्वी: अल-राज़ी – फारस (ईरान) के महान चिकित्सक, दार्शनिक और रसायनशास्त्री।
१६०५: अकबर – मुगल साम्राज्य के तीसरे और सर्वाधिक प्रसिद्ध सम्राट, जिन्होंने फतेहपुर सीकरी में अंतिम सांस ली।
१९०७: ब्रह्मबांधव उपाध्याय – महान स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार एवं विचारक।
१९४२: सत्येन्द्र चंद्र मित्रा – कुशल राजनीतिज्ञ एवं स्वतंत्रता सेनानी।
१९४७: ब्रिगेडियर राजेन्द्र सिंह – जम्मू-कश्मीर की रक्षा करते हुए कबाइलियों के आक्रमण के विरुद्ध मातृभूमि के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले वीर भारतीय सेनाधिकारी (इन्हें ‘कश्मीर का रक्षक’ भी कहा जाता है)।
१९४९: मार्सेल सेर्डन – फ्रांस के विश्वप्रसिद्ध मिडिलवेट मुक्केबाजी चैंपियन।
१९५३: टी. एस. एस. राजन – भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख सेनानी।
१९६८: लिसे मीटनर – ऑस्ट्रियाई-स्वीडिश भौतिक विज्ञानी, जिन्होंने परमाणु विखंडन की खोज में अहम भूमिका निभाई।
१९७४: सी. पी. रामानुजम – भारत के प्रतिभाशाली गणितज्ञ।
१९७५: एंजेला रुइज़ रोबल्स – स्पेनिश शिक्षिका एवं आविष्कारक, जिन्हें आधुनिक ई-बुक और ई-रीडर के शुरुआती यांत्रिक पूर्ववर्ती के आविष्कारक के रूप में जाना जाता है।
१९७५: वायलार रामावर्मा – मलयालम सिनेमा और साहित्य के प्रसिद्ध गीतकार एवं कवि।
१९८२: प्यारे लाल – महात्मा गांधी के निजी सचिव एवं उनके जीवन पर लेखन कार्य करने वाले लेखक।
१९८७: विजय मर्चेन्ट – डॉन ब्रैडमैन के युग के महान भारतीय क्रिकेटर।
१९९२: डेविड बोहम – प्रसिद्ध अमेरिकी-ब्रिटिश सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी।
१९९९: डॉ. नगेंद्र – भारत के लब्धप्रतिष्ठित हिंदी साहित्यकार, आलोचक, निबंधकार एवं विद्वान।
२००१: प्रदीप कुमार – हिंदी और बंगाली सिनेमा के सुनहरे दौर के लोकप्रिय अभिनेता।
२००७: सत्येन कप्पू – प्रसिद्ध बॉलीवुड चरित्र अभिनेता (जिन्होंने फिल्म ‘शोले’ में ‘रामलाल’ का ऐतिहासिक किरदार निभाया था)।
२०१०: नेस्टर किर्चनर – अर्जेंटीना के पूर्व राष्ट्रपति।
२०१८: मदन लाल खुराना – दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ राजनेता।
२०१९: जॉन कोनियर्स – अमेरिकी इतिहास में दीर्घकालिक सेवा देने वाले अफ्रीकी-अमेरिकी कांग्रेसी।
२०२०: नरेश कनोडिया – गुजराती सिनेमा के दिग्गज अभिनेता एवं संगीतकार।
२०२२: अर्शद शरीफ – पाकिस्तान के जाने-माने खोजी पत्रकार।
२०२३: ली केकियांग – चीन के पूर्व प्रधानमंत्री एवं शीर्ष राजनेता।
विशेष दिवस~
विश्व दृश्य-श्रव्य विरासत दिवस: यूनेस्को द्वारा प्रतिवर्ष २७ अक्टूबर को फिल्मों, रेडियो और टेलीविजन प्रसारण जैसी श्रव्य-दृश्य सामग्रियों के ऐतिहासिक संरक्षण के प्रति वैश्विक जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह दिवस मनाया जाता है।





