पॉलीकैब ने आरजे प्रवीण के साथ मिलकर कुमारटुली के कारीगरों को दिया सम्मान, कार्यशाला का किया कायाकल्प

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कोलकाता: त्योहारों में रंग भरते हैं वे लोग, जो उन्हें रचते हैं। कारीगरों की कार्यशालाओं से लेकर स्थानीय समुदायों तक, इन्हीं की लगन और हुनर हर उत्सव की नींव होते हैं। इसी सोच के साथ भारत की नंबर-1 वायर एवं केबल कंपनी पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड ने इस दुर्गा पूजा में आरजे प्रवीण के साथ मिलकर एक खास पहल की है।
कंपनी ने इस पहल के जरिए न सिर्फ दुर्गा पूजा की भावना को सामने लाने की कोशिश की है, बल्कि ‘इंडिया का सेफ, हैप्पी कनेक्शन’ के अपने वादे को भी साकार किया है।
पॉलीकैब का मानना है कि ब्रांड और लोगों के बीच सार्थक जुड़ाव केवल त्योहार मनाने से नहीं, बल्कि उन समुदायों में ठोस बदलाव लाने से बनता है, जिनकी बदौलत ये त्योहार संभव होते हैं। इसी क्रम में कंपनी वर्षों से गणेश चतुर्थी सहित विभिन्न सांस्कृतिक उत्सवों के दौरान स्थानीय परंपराओं, रचनाकारों और समुदायों को सम्मान देने वाली गतिविधियां करती आ रही है।
इस साल दुर्गा पूजा पर कंपनी ने यह सोच एक कदम और आगे बढ़ाई। हर दुर्गा प्रतिमा के पीछे उन कारीगरों का हुनर होता है, जिनकी कार्यशालाएं बंगाल के इस सबसे प्रिय त्योहार की पहली शुरुआत होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पॉलीकैब ने आरजे प्रवीण के साथ मिलकर कुमारटुली में स्वर्गीय बबलू पाल की कार्यशाला का कायाकल्प किया।
बबलू पाल की पत्नी पॉली पाल आज भी अपने परिवार की कलात्मक विरासत को सहेजते हुए इस परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। पॉलीकैब ने रातोंरात उनकी पूरी कार्यशाला का विद्युत उन्नयन किया। पुराने ढांचे की जगह कंपनी ने पॉलीकैब ग्रीन वायर्स, स्विचगियर, स्ट्रिप लाइट्स, सीलिंग फैन और स्विच लगाए।
इस बदलाव से न सिर्फ सुरक्षा और कामकाज की सुविधा बेहतर हुई, बल्कि उन कारीगरों के लिए एक उजला, सुरक्षित और कुशल माहौल भी तैयार हुआ, जिनकी कला आगे चलकर दुर्गा पूजा के उत्सव का केंद्र बनती है।
इस पहल पर पॉलीकैब इंडिया लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट – ब्रांड एवं मार्कॉम, श्वेतल बसु ने कहा, “पॉलीकैब में हम मानते हैं कि त्योहार हमें उन समुदायों के लिए सार्थक योगदान देने का अवसर देते हैं, जिनके सहारे ये त्योहार जीवंत रहते हैं। आरजे प्रवीण के साथ हमारी साझेदारी उद्देश्य-प्रेरित मार्केटिंग का उदाहरण है, जहां स्थानीय कहानियां, सामुदायिक प्रभाव और ब्रांड के मूल्य एक साथ आते हैं। पॉली पाल की कार्यशाला को ज्यादा सुरक्षित और रोशन बनाकर हम बिजली सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को वहां तक ले जा रहे हैं, जहां से दुर्गा पूजा की शुरुआत होती है। यह पहल हमारा वादा है – India’s Safe, Happy Connection।”
पॉलीकैब स्थानीय आवाजों, सांस्कृतिक अवसरों और समुदाय-आधारित कहानियों के जरिए उपभोक्ताओं से प्रामाणिक जुड़ाव बनाती आ रही है। आरजे प्रवीण के साथ यह पहल सिर्फ त्योहार का नहीं, बल्कि उसे संभव बनाने वाले लोगों, स्थानों और कहानियों का भी उत्सव है। क्योंकि हर उत्सव की शुरुआत सुरक्षित होनी चाहिए।

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