ओडेंस(डेनमार्क): डेनमार्क ओपन २०२६ में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही समाप्त हो गया। महिला एकल में तन्वी शर्मा और महिला युगल में तृषा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ी को हार का सामना करना पड़ा। तन्वी को दुनिया की नंबर १ खिलाड़ी आन से-यंग ने सीधे गेमों में पराजित किया। वहीं तृषा और गायत्री की जोड़ी को मलेशिया की पर्ली तन और थिनाह मुरलीधरन की जोड़ी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
भारत की युवा शटलर तन्वी महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त से-यंग के समक्ष चुनौती पेश नहीं कर सकीं। दुनिया की २४वें नंबर की खिलाड़ी तन्वी को ३८ मिनट तक चले मैच में १५-२१, १३-२१ से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारत की अंतिम उम्मीद भी समाप्त हो गई।
विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर रहने वाली आन से-यंग के खिलाफ तन्वी ने मैच की शुरुआत में अच्छा प्रदर्शन किया। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच पहली भिड़ंत थी और तन्वी ने वर्तमान विश्व एवं ओलंपिक चैंपियन को चुनौती देने की कोशिश की। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने भी जल्द ही लय हासिल कर २ गेमों में मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।
महिला युगल के क्वार्टर फाइनल में तृषा और गायत्री की भारतीय जोड़ी को तन और थिनाह की मलेशियाई जोड़ी के खिलाफ १४-२१, २१-१७, २१-११ से हार का सामना करना पड़ा। मैच में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन वे उस लय को बरकरार नहीं रख सके। मलेशियाई जोड़ी ने शानदार वापसी करते हुए लगातार २ गेम जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
डेनमार्क ओपन में भारत के अधिकांश प्रमुख शटलर शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए थे। इनमें पीवी सिंधु, उन्नति हुड्डा, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी, लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के शुरुआत में ही बाहर हो जाने से टूर्नामेंट में भारत की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा था।
डेनमार्क ओपन में जल्दी अभियान समाप्त होने के बाद अब भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों की नजरें फ्रेंच ओपन पर होंगी। यह टूर्नामेंट २० से २५ अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा।





