​१५ अक्टूबर का इतिहास

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​नयी दिल्ली: इतिहास में १५ अक्टूबर का दिन भारत के मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को फौलादी और अभेद्य बनाने वाले पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है।
​बेहद सहज और सरल व्यक्तित्व वाले मृदुभाषी कलाम की रहनुमाई में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सबसे घातक और मारक हथियार प्रणालियों का देश में ही विकास किया। १५ अक्टूबर १९३१ को जन्मे कलाम देश के युवाओं को देश की सच्ची पूंजी मानते थे और बच्चों को हमेशा बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते थे।
​देश-दुनिया के इतिहास में आज की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:
​प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएँ
​१२४०: दिल्ली सल्तनत पर १२३६ ई० से १२४० ई० तक शासन करने वाली रज़िया सुल्तान का निधन।
​१९१८: शिरडी के साईं बाबा ने शरीर त्यागा।
​१९३१: पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म।
​१९३२: टाटा समूह ने पहली एयरलाइन की शुरुआत की। इसका नाम ‘टाटा संस लिमिटेड’ रखा गया।
​१९५१: अमेरिकी टेलीविजन के हास्य धारावाहिक ‘आई लव लूसी’ का प्रसारण शुरू। इसमें लूसील बॉल और उनके पति डेसी एरनाज ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। यह धारावाहिक दुनियाभर में खूब देखा और सराहा गया।
​१९६९: सोमालिया के राष्ट्रपति अब्दिरशीद अली शेर्माके की हत्या।
​१९८७: बुर्किना फासो में सैनिक विद्रोह में शासन प्रमुख थॉमस संकारा का तख्तापलट करने के बाद उनकी और उनके कुछ समर्थकों की हत्या।
​१९८८: उज्ज्वला पाटिल एक नौका में दुनिया की यात्रा करने वाली पहली एशियाई महिला बनीं।
​१९९३: दक्षिण अफ्रीका के नेता नेल्सन मंडेला और एफ. डब्ल्यू. क्लार्क को रंगभेद को शांतिपूर्ण ढंग से खत्म करने और नये लोकतांत्रिक दक्षिण अफ्रीका की नींव रखने पर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया।
​२००३: अंतरिक्ष में मानवयुक्त यान भेजने वाला चीन तीसरा देश बना।
​२०२०: भारत की प्रथम ऑस्कर विजेता कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया का निधन।
​२०२१: भारी मानसूनी बारिश के कारण नेपाल के पश्चिमी हिस्सों में अचानक भीषण बाढ़ और भूस्खलन शुरू हुए, जिसमें ७७ से अधिक लोगों की जान चली गई और कई लोग लापता हो गए थे।
​२०२१: उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान यमुना नदी में तीन किशोर डूब गए।
​२०२२: तुर्की के बार्टिन प्रांत में एक कोयला खदान के भीतर भीषण विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम ४१ खनिकों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह तुर्की के हालिया इतिहास के सबसे बड़े औद्योगिक हादसों में से एक था।
​२०२२: रूस के बेलगोरोद क्षेत्र (यूक्रेन सीमा के पास) में एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र पर दो हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस आतंकी हमले में ११ सैनिकों की मौत हो गई और १५ से अधिक घायल हुए।
​२०२२: मेक्सिको के गुआनाहुआतो राज्य के इरापुआतो शहर में एक बार के भीतर ड्रग माफिया से जुड़ी गैंगवार में अंधाधुंध फायरिंग की गई, जिसमें १२ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
​२०२२: जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ जिले के चौधरी गुंड इलाके में आतंकवादियों ने एक कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी।
​२०२२: ईरान में तेहरान की कुख्यात एविन जेल में भीषण आग लग गई और कैदियों व सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुईं। इस हादसे और हिंसा के दौरान गोलीबारी में ८ कैदियों की मौत हो गई और ६१ से अधिक लोग झुलसने व घायल होने के कारण अस्पताल पहुँचे।
​२०२३: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में समृद्धि महामार्ग पर तड़के एक तेज रफ्तार मिनी-बस के कंटेनर से टकराने से १२ लोगों की मौत हो गई और २३ से अधिक लोग घायल हो गए।
​२०२३: तिरुवन्नामलाई के पास मंदिर से दर्शन कर लौट रहे एक परिवार की कार की ट्रक से सीधी टक्कर हो गई, जिसमें २ बच्चों सहित ८ लोगों की जान चली गई।
​२०२३: अरावली जिले में (रतनपुर सीमा के पास) मजदूरों से भरी एक क्रूजर जीप का ब्रेक फेल होने से वह ट्रक से टकरा गई, जिसमें ९ लोगों की मौत हो गई और १० घायल हो गए।
​२०२४: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुँचे।
​२०२४: नाइजीरिया के जिगावा राज्य के माजिया शहर में एक भीषण ईंधन टैंकर विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में २०९ लोगों की मौत हो गई और १२४ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
​२०२५: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में १६वीं अंतरराष्ट्रीय रेलवे उपकरण प्रदर्शनी (आईआरईई २०२५) का उद्घाटन किया, जिसमें कई देशों के रेलवे उत्पादों और नवाचारों का प्रदर्शन हुआ।
​२०२५: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के स्पिन बोल्दक में हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने १५ तालिबान सदस्यों के मारे जाने का दावा किया, जबकि तालिबान के अनुसार इस हमले में १२ नागरिकों की मौत हुई और १०० से अधिक लोग घायल हुए। इसके बाद काबुल पर भी हवाई हमले हुए और दोनों देशों के बीच ४८ घंटे का संघर्षविराम हुआ।
​२०२५: बांग्लादेश में १५ सैन्य अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद आंतरिक राजनीतिक और सैन्य तनाव की स्थिति बनी रही।

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