नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार रात आठ बजे ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने पर सहमत हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ने विपक्षी दलों के नेताओं को आज शाम मुलाकात के लिए बुलाया है। विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था।
‘इंडिया’ गठबंधन ने मांगा था मुलाकात का समय
कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने गुरुवार को बताया था कि ‘इंडिया’ गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा है और वह राष्ट्रपति भवन के जवाब का इंतजार कर रहा है।
वेणुगोपाल के अनुसार, मुलाकात के लिए पहला अनुरोध पत्र दो अक्टूबर को भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। इसी के अनुरूप गठबंधन ने पांच अक्टूबर को दोबारा अनुरोध पत्र भेजकर नेताओं के नाम उपलब्ध कराए थे। साथ ही, सात, आठ या नौ अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय देने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा था कि शुक्रवार तक जवाब का इंतजार किया जाएगा।
विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दे पर तीन दिन से विपक्ष का प्रदर्शन
पिछले सप्ताह ‘इंडिया’ गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित करने और ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया गया था।
विपक्षी दल पिछले तीन दिनों से हर दिन अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
लोकतंत्र की रक्षा के लिए ‘करो या मरो’ की लड़ाई: वेणुगोपाल
कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भारतीय लोकतंत्र में ‘अराजकता पैदा करने’ का आरोप लगाया है।
वेणुगोपाल ने कहा, “वे भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने वाले हैं और हम लोकतंत्र की रक्षा के लिए यहां हैं।”
उन्होंने कहा कि देश के मतदाताओं के अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह ‘करो या मरो’ की लड़ाई है।





