गंगटोक: पश्चिम सिक्किम के साइबर सुरक्षा शोधकर्ता और एथिकल हैकर रिवेकराज तामांग को ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ द्वारा ‘आईबीआर अचीवर’ के रूप में सम्मानित किया गया है। दुनिया भर के विभिन्न संगठनों और निकायों के तकनीकी प्रणालियों में मौजूद सुरक्षा जोखिमों (सिक्योरिटी वल्नरेबिलिटीज़) की पहचान कर सफलतापूर्वक जानकारी देने के एवज में उन्हें ३२८ स्वीकृति और प्रशंसा पत्र (एक्नॉलेजमेंट) प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार २७ फरवरी १९९९ को जन्मे रिवेकराज को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा, माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी रिस्पॉन्स सेंटर, भारत सरकार के सर्ट-इन, बहुराष्ट्रीय कंपनियों, विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों से जिम्मेदार तरीके से सुरक्षा त्रुटियों को उजागर करने के लिए प्रशंसा मिली है। गत २५ जुलाई को इस रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि की गई थी।
तामांग के साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यों के लिए विभिन्न संस्थानों ने बग बाउंटी (नकद पुरस्कार), प्रशंसा पत्र, धन्यवाद पत्र और ‘हॉल ऑफ फेम’ सूची में शामिल करके सम्मान व्यक्त किया है।
जिम्मेदार तरीके से सुरक्षा जोखिमों को उजागर करने (रिस्पॉन्सिबल वल्नरेबिलिटी डिस्क्लोजर) की प्रक्रिया के तहत साइबर प्रणाली में मौजूद कमियों का पता लगाकर संबंधित निकायों को सूचित किया जाता है, ताकि समय रहते उन त्रुटियों को सुधार कर संभावित खतरों को टाला जा सके। रिवेकराज द्वारा प्राप्त ३२८ सम्मान साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान और उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।





