वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद अमेरिका में रह रहे नेपाली नागरिकों पर भी कड़ी आव्रजन नीति का असर दिखाई देने लगा है। २० जनवरी २०२५ के बाद से ही ७६० नेपाली नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट कर नेपाल वापस भेजा जा चुका है। इनमें ३७ महिलाएँ हैं।
नेपाल पुलिस के मानव तस्करी जांच ब्यूरो के अनुसार, पिछले ८ आर्थिक वर्षों में अमेरिका से कुल ९८६ नेपाली नागरिकों को डिपोर्ट किया गया है। इनमें बड़ी संख्या ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद की है।
ब्यूरो के अनुसार, डिपोर्ट होकर नेपाल लौटने वाले नेपाली नागरिकों में बड़ी संख्या उन लोगों की है, जो विजिट वीजा पर अमेरिका जाकर वहां अवैध रूप से रह रहे थे या अवैध रास्ते से अमेरिका में प्रवेश कर गए थे। अमेरिका हाल के समय में नेपाली नागरिकों को चार्टर्ड विमानों के माध्यम से भी नेपाल वापस भेज रहा है, जबकि नियमित उड़ानों से भी डिपोर्ट किए गए नेपाली नागरिक लौट रहे हैं।
ट्रम्प प्रशासन की कड़ी नीति का एक और असर लंबे समय से अमेरिका में रह रहे नेपाली नागरिकों पर भी दिखाई दिया है। ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, २०८२ पुस में एक नेपाली नागरिक, जो अमेरिका में पीआर लेकर करीब ३० वर्षों से रह रहे थे, उनका पीआर नवीनीकरण नहीं होने के बाद अमेरिका ने उन्हें निष्कासित कर नेपाल भेज दिया।
अमेरिका से वापस भेजे गए नेपाली नागरिकों में से बहुत कम लोगों ने उन्हें अमेरिका भेजने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मानव तस्करी जांच ब्यूरो में अब तक अमेरिका भेजने वाले गिरोहों के खिलाफ 9 शिकायतें दर्ज हुई हैं और उन पर जांच चल रही है। एसपी राजन लिम्बू ने इसकी जानकारी दी।
एक ही बार में बड़ी संख्या में नेपाली नागरिकों को नेपाल वापस भेजे जाने की घटना भी सामने आई है। २०८२ असार में अमेरिका के एरिजोना और हवाई से ओम्नी एयर इंटरनेशनल के चार्टर विमान के जरिए एक ही दिन में ३७ नेपाली नागरिकों को नेपाल वापस भेजा गया था।
ब्यूरो के आंकड़ों से यह महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आता है कि ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने वाले नेपाली नागरिकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले 8 आर्थिक वर्षों में डिपोर्ट किए गए 986 नेपाली नागरिकों में से ७६० को केवल २० जनवरी २०२५ के बाद ही वापस भेजा गया है।
यह स्थिति न केवल अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे नेपाली नागरिकों के लिए, बल्कि अमेरिका पहुंचने के नाम पर मानव तस्करों और बिचौलियों को बड़ी रकम देकर जोखिम भरे रास्ते अपनाने वाले नेपाली नागरिकों के लिए भी गंभीर चेतावनी है।





