नई दिल्ली: यूरोपीय फुटबॉल की ट्रांसफर विंडो बंद होने से पहले क्लबों ने अंतिम समय में दिल खोलकर पैसा खर्च किया। इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लबों ने एक बार फिर अपनी आर्थिक ताकत का प्रदर्शन किया। पूरी समर ट्रांसफर विंडो में इंग्लिश क्लबों ने लगभग ४.७ अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ४४,८४७ करोड़ रुपये) खर्च किए, जो यूरोप की अन्य लीगों की तुलना में बहुत अधिक है।
अंतिम दिन (डेडलाइन डे) का सबसे बड़ा सौदा एंज़ो फर्नांडेज़ का रहा। मैनचेस्टर सिटी ने चेल्सी के अर्जेंटीनी मिडफील्डर को १२.५ करोड़ पाउंड (लगभग १६०१ करोड़ रुपये) में अपनी टीम में शामिल किया। यह ब्रिटिश ट्रांसफर इतिहास की सबसे बड़ी खरीदारी की बराबरी का समझौता है। पिछले वर्ष लिवरपूल ने अलेक्जेंड्रा इसाक को भी उतनी ही राशि में हासिल किया था। ट्रांसफरमार्केट की रिपोर्ट के अनुसार, एंज़ो फर्नांडेज़ के इस समझौते ने उन्हें दुनिया के सबसे महंगे फुटबॉल खिलाड़ियों की सूची में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है। इस सूची में नेमार, किलियन एम्बाप्पे और ओस्मान डेम्बेले उनसे ऊपर हैं।
सिटी ने एंज़ो फर्नांडेज़ पर ही बड़ी रकम खर्च नहीं की, बल्कि एवर्टन के इलिमान एनडियाए को भी ६.५ करोड़ पाउंड में टीम में शामिल किया। न्यूकैसल ने लिल के मातियास फर्नांडेज़-पार्डो के लिए ५.१ करोड़ पाउंड (लगभग ६५४ करोड़ रुपये) खर्च किए।
अंतिम दिन नए क्लब में जाने वाले खिलाड़ियों में सबसे चर्चित नाम गैब्रिएल जीसस का रहा। वे आर्सेनल से स्पैनिश क्लब बार्सिलोना में शामिल हुए हैं और इस सौदे का मूल्य ८५ लाख पाउंड (लगभग १०९ करोड़ रुपये) बताया गया है। इसी तरह चेल्सी के मार्क गुइयू के लिए आरबी लिपज़िग ने १.४६ करोड़ पाउंड और टॉटनहम के टोसिन अदाराबियोयो के लिए १ करोड़ पाउंड खर्च किए।
इंग्लिश क्लबों की खर्च करने की क्षमता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि प्रीमियर लीग ने समर विंडो में लगभग ४.७ अरब डॉलर खर्च किए। इसकी तुलना में स्पेन, जर्मनी, फ्रांस और इटली की शीर्ष लीगों का संयुक्त रूप से खर्च ३.८ अरब डॉलर रहा। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रीमियर लीग आर्थिक रूप से यूरोप की अन्य शीर्ष लीगों से बहुत आगे है। अंतिम दिन बड़े सौदे और लोन ट्रांसफर की लंबी सूची ने इस ट्रांसफर विंडो को और खास बना दिया।





