ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा है कि राज्य में सरकारी नौकरियों का लालच देकर वोट हासिल करने की पुरानी राजनीति का अब पूरी तरह से अंत हो चुका है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक बयान में मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को अतीत के दिनों की याद दिलाते हुए दावा किया कि अब अरुणाचल में पारदर्शी और योग्यता आधारित प्रणाली स्थापित हो चुकी है।
मुख्यमंत्री खांडू ने कहा, “युवाओं को यह बात याद रखनी चाहिए कि एक दौर वह भी था जब चुनावों के दौरान सरकारी नौकरियों के वादे कर वोट बदले जाते थे। उस समय भर्ती प्रक्रियाओं में कोई औपचारिक और योग्यता आधारित पारदर्शी तंत्र मौजूद नहीं था।”
उन्होंने कहा कि एपीएसएसबी(अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड) के गठन और एपीपीएससी (अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग) में किए गए सुधारों ने पूरी व्यवस्था को बदलकर रख दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया, “इन्हीं पारदर्शी सुधारों का परिणाम है कि वर्ष २०१९ और २०२४ के चुनावों में वोट के बदले नौकरी वाली राजनीति देखने को नहीं मिली।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि योग्यता को प्राथमिकता देने से युवाओं के भीतर एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास हुआ है। इससे सरकारी तंत्र को अधिक सक्षम, पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण कार्यबल प्राप्त हो रहा है।
”ये प्रशासनिक और संस्थागत सुधार शायद समाचार पत्रों की सबसे बड़ी सुर्खियां न बनें, लेकिन ये हमारे युवाओं, हमारे लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ियों के लिए शासन की गुणवत्ता पर बेहद दूरगामी और सकारात्मक प्रभाव डालेंगे,” मुख्यमंत्री खांडू ने कहा।





