नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को “नया अमेरिकी क्षेत्र” करार दिए जाने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान और ओमान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य का नक्शा साझा करते हुए यह दावा किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह लागू है, समुद्री बारूदी सुरंगे हटा दी गई हैं और फिलहाल ईरान से बातचीत की कोई योजना नहीं है।
ट्रम्प के इस बयान पर ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने इसे ट्रम्प का भ्रम बताते हुए स्पष्ट किया कि इस समुद्री रास्ते पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं है। वहीं, ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिका जून के अंतरिम समझौते की शर्तों—जैसे ईरानी बंदरगाहों से नाकाबंदी हटाना, तेल प्रतिबंध समाप्त करना और जब्त संपत्तियां जारी करना—को पूरा नहीं करता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। ६० दिनों की कूटनीतिक समयसीमा बिना किसी समझौते के समाप्त होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक तेल आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडराने लगा है।











