खार्तूम: दक्षिण सूडान में तैनात २१० भारतीय शांति सैनिकों को उनकी उत्कृष्ट सेवा और योगदान के लिए संयुक्त राष्ट्र पदक (यूएन मेडाल) से सम्मानित किया गया है। सम्मानित होने वालों में ६ महिला सैनिक और ७ स्टाफ अधिकारी भी शामिल हैं। दक्षिण सूडान स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन (यूएनएमआईएसएस) ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए संकट, चिकित्सा आपातस्थिति और नागरिकों की जान बचाने वाले अभियानों में भारतीय सैनिकों द्वारा दिखाए गए अदम्य साहस और प्रतिबद्धता की सराहना की है।
मिशन द्वारा जारी बयान के अनुसार, जुबा में आयोजित एक विशेष समारोह में भारतीय ‘ब्लू हेल्पमेट्स’ (शांति सैनिकों) को पदक प्रदान किए गए। कठिन और जोखिम भरे हालात में भी नागरिकों की सुरक्षा, शांति स्थापना और मानवीय सहायता कार्यों में उनके योगदान को मिशन ने अतुलनीय बताया है।
विश्व शांति में भारत का योगदान
संयुक्त राष्ट्र के शांति-रक्षा अभियानों में सैन्य और पुलिस बल भेजने वाले देशों में भारत दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। वर्ष १९४८ से अब तक विश्व भर में संचालित ७१ शांति मिशनों में से ४९ में २ लाख से अधिक भारतीय सैनिक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इस दौरान १६० भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। वर्तमान में विश्व के विभिन्न अशांत क्षेत्रों में ४,२०० से अधिक भारतीय सैन्य व पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनमें १५५ महिलाएं शामिल हैं।
शांति मिशनों में महिला सैनिकों की भागीदारी बढ़ाने में भी भारत की ऐतिहासिक भूमिका रही है। वर्ष २००७ में लाइबेरिया में पूर्ण रूप से महिलाओं वाली विशेष पुलिस टुकड़ी (फर्म्ड पुलिस युनिट) तैनात कर भारत ने विश्व में एक नई मिसाल कायम की थी। दक्षिण सूडान में मिला यह नया सम्मान संयुक्त राष्ट्र के ध्वज तले भारत के लंबे और गौरवशाली सेवा इतिहास को और सशक्त बनाता है।











