नई दिल्ली: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित भारत यात्रा को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोला है। हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश सीमा पर चीन की घुसपैठ और जमीनी हकीकत को लेकर सरकार पर देश की जनता को अंधेरे में रखने का आरोप लगाया है।
सोमवार सुबह सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए ओवैसी ने सवाल किया, “क्या अगले महीने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे से पहले सब कुछ सामान्य दिखाने के लिए सरकार भारतीय सेना पर अरुणाचल प्रदेश में गश्त (पेट्रोलिंग) के अधिकारों पर जोर न देने का दबाव बना रही है?”
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष २०१७ के डोकलाम और २०२० के लद्दाख संकट की तरह ही सरकार इस बार भी सीमा के हालात को छिपाने की कोशिश कर रही है। मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए ओवैसी ने कहा, “सरकारें आती-जाती रहती हैं, प्रधानमंत्री भी आते-जाते रहते हैं, लेकिन भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता। वह पवित्र और अटल है।”
अरुणाचल प्रदेश में अतिक्रमण को लेकर विपक्ष के दावों के बीच भारत सरकार ने चीन द्वारा किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से साफ इनकार किया है।
गौरतलब है कि भारत इस समय ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है। सितंबर में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत आने की संभावना जताई जा रही है।










