पूर्वी एशिया में चीन का प्रभाव बढ़ने की आशंका
नई दिल्ली: अमेरिका ने पश्चिमी प्रशांत महासागर क्षेत्र से अपना अंतिम विमानवाहक युद्धपोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन हटा लिया है। ईरान के साथ बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पश्चिम एशिया में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए वाशिंगटन द्वारा यह कदम उठाया गया है। इस फैसले के बाद रणनीतिक रूप से संवेदनशील यह क्षेत्र फिलहाल बिना किसी अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के खाली हो गया है।
यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन अब मध्य पूर्व में पिछले आठ महीनों से तैनात यूएसएस अब्राहम लिंकन की जगह लेगा। इस अचानक बदलाव ने ताइवान, जापान और फिलीपींस जैसे अमेरिकी सहयोगी देशों की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि चीन के लिए इस क्षेत्र में अपना सैन्य वर्चस्व और प्रभाव बढ़ाने का नया रास्ता खोल दिया है।
रक्षा विश्लेषक ब्रायन क्लार्क के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत की अनुपस्थिति से चीन को ताइवान और दक्षिण चीन सागर के विवादित हिस्सों में अपनी ताकत दिखाने का मौका मिल गया है। हालांकि, अमेरिका ने अपने सहयोगियों को भरोसा दिलाया है कि प्रशांत क्षेत्र के प्रति उसकी रणनीतिक प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं आई है। इसी सिलसिले में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के प्रमुख एडमिरल फ्रैंक ब्रैडली फिलीपींस और जापान के दौर पर पहुंचे हैं।









