शिलांग: मेघालय मंत्रिमंडल की आज आयोजित बैठक में राज्य के प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। आगामी २४ अगस्त २०२६ से शुरू हो रहे राज्य विधानसभा के शरदकालीन सत्र को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने विभिन्न विधेयकों, नीतिगत संशोधनों और प्रस्तावों पर अपनी सहमति प्रदान की।
कैबिनेट ने राज्य में यूरेनियम खनन के विरोध में तैयार किए गए संकल्प प्रस्ताव के मसौदे को स्वीकृति दी है, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही ‘मेघालय आधिकारिक भाषा विधेयक, २०२६’ को मंजूरी देते हुए अंग्रेजी के अलावा खासी और गारो भाषा को भी राज्य की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्यता देने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
नागरिक सेवा परीक्षा में सुधार के उद्देश्य से प्रोफेसर डेविड सिएमलीह समिति की सिफारिशों के आधार पर मेघालय सिविल सेवा (एमसीएस) परीक्षा में ‘पेपर ६’ शामिल करने का फैसला किया गया है, जो पूरी तरह से राज्य के इतिहास, संस्कृति और अर्थव्यवस्था पर केंद्रित होगा। इसके अलावा लोक सेवा अधिकार अधिनियम में संशोधन कर एक स्वचालित अपील प्रणाली शुरू की जाएगी, जिससे नागरिकों को तय समय में ऑनलाइन सेवाएं न मिलने पर प्रणाली स्वतः उच्च अधिकारी के पास अपील दर्ज कर देगी।
औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘मेघालय औद्योगिक एवं निवेश संवर्धन नीति, २०२४’ की पंजीकरण अवधि १ वर्ष बढ़ा दी गई है, जबकि वाणिज्य एवं उद्योग सेवा में अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु सीमा २७ वर्ष से बढ़ाकर ३२ वर्ष कर दी गई है। इसके अतिरिक्त शराब पर कर व्यवस्था को आबकारी विभाग के तहत एकीकृत करने और राष्ट्रीय ढांचे के अनुसार राज्य जीएसटी अधिनियम में संशोधन करने के प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।










