रणजीत बजाज ने ठुकराया भारतीय अंडर-१५ टीम के मैनेजर का पद

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नई दिल्ली: ​मिनर्वा अकादमी के मालिक और ग्रासरूट फुटबॉल के समर्थक रणजीत बजाज ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) द्वारा दिए गए भारतीय अंडर-१५ फुटबॉल टीम के मैनेजर पद को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। नियुक्ति के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से इस पद को न लेने के अपने फैसले की घोषणा की।
​एआईएफएफ ने बजाज को मैनेजर और बिबियानो फर्नांडिस को मुख्य कोच पद पर बरकरार रखने का फैसला किया था। बजाज के अनुसार, मुख्य कोच फर्नांडिस और उनकी फुटबॉल को लेकर सोच और खेलने की शैली पूरी तरह से अलग है। फर्नांडिस की ‘लो-ब्लॉक काउंटर-अटैकिंग’ और उनकी अपनी ‘हाई-प्रेसिंग’ शैली आपस में मेल नहीं खाती, इसलिए दोनों का एक साथ काम करना टीम के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
​मैनेजर और कोच की सोच में भिन्नता होने पर टीम के लिए स्पष्ट रणनीति बनाना कठिन बताते हुए बजाज ने कहा, “एआईएफएफ ने मुझे पत्र भेजकर नियुक्ति की जानकारी दी और लोगों के बधाई फोन भी आने लगे, लेकिन मैं इससे खुश नहीं हूं। हम एक ही पेज पर नहीं हैं, इसलिए इस पद को स्वीकार करने का कोई मतलब नहीं है।”
​बजाज ने स्पष्ट किया कि फर्नांडिस से उनका कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं है और रणनीतिक मतभेद ही इसका मुख्य कारण है। लंबे समय से एआईएफएफ के कड़े आलोचक रहे बजाज मिनर्वा अकादमी के माध्यम से भारत में युवा खिलाड़ियों को तराशने और ग्रासरूट फुटबॉल के विकास पर लगातार जोर देते रहे हैं।

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