काठमांडू: नेपाली कांग्रेस के आधिकारिकता विवाद में नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पिछले फैसले की समीक्षा (रिव्यू) की अनुमति दे दी है। इस आदेश के बाद अब कांग्रेस के नेतृत्व और आधिकारिकता से जुड़े इस मामले की सुनवाई शुरू से होगी।
प्रधान न्यायाधीश डाॅ. मनोज कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति नित्यानंद पांडेय और न्यायमूर्ति श्रीकांत पौडेल की पूर्ण पीठ ने गुरुवार को पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया।
इससे पहले ४ मई (वैशाख ४) को न्यायमूर्ति शारंगा सुवेदी और न्यायमूर्ति नृपध्वज निरौला की पीठ ने चुनाव आयोग के फैसले को बरकरार रखते हुए विशेष महाधिवेशन से निर्वाचित गगन थापा के नेतृत्व वाली समिति को आधिकारिकता दी थी।
हालांकि, पूर्व सभापति शेर बहादुर देउबा और पूर्व कार्यवाहक सभापति पूर्ण बहादुर खड़का ने इस फैसले को स्थापित कानूनी सिद्धांतों और मौजूदा कानूनों के विपरीत बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में समीक्षा याचिकाएं दायर की थीं।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा समीक्षा याचिका स्वीकार किए जाने के बाद गगन थापा के नेतृत्व को मिली आधिकारिकता का मामला अब फिर से पूर्ण सुनवाई के दौर में चला गया है।
पार्टी के भीतर विरोधी गुट द्वारा अलग से राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी के बीच आए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
इस बीच पूर्व सभापति देउबा फिलहाल हांगकांग दौरे पर हैं और उनके १४ अगस्त (सावन २९) को स्वदेश लौटने का कार्यक्रम है।










