सिलीगुड़ी: उत्तर बंगाल में नए उद्योगों, ताज़ा निवेश और रोज़गार के अवसरों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को सिलीगुड़ी में ‘बंगाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री'(बीसीसीआई) की पहल पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में क्षेत्र भर के उद्योगपतियों और व्यावसायिक नेताओं ने भाग लिया, जहाँ भविष्य की विकास योजनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता और पर्यटन मंत्री शंकर घोष उपस्थित रहे। उत्तर बंगाल में नए उद्योगों की स्थापना बैठक के मुख्य एजेंडे में से एक थी।
सभा को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि हालांकि उत्तर बंगाल को कभी केवल “चिकन नेक” के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब राष्ट्रीय सुरक्षा और विकास दोनों के दृष्टिकोण से इसका महत्व काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अब व्यापार और निवेश के लिए एक शांतिपूर्ण और अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।
वित्त मंत्री ने चाय उद्योग में चल रहे संकट पर भी चिंता व्यक्त की और कई चाय बागानों के बंद होने तथा श्रमिकों द्वारा झेली जा रही आर्थिक कठिनाइयों पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि स्थिति और खराब होने से पहले चाय उद्योग के पुनरुद्धार के लिए एक खाका (रोडमैप) तैयार करने हेतु राज्य सरकार जल्द ही कोलकाता, सिलीगुड़ी या दार्जिलिंग में सभी हितधारकों के साथ एक बैठक बुलाएगी।
इसी बीच, पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत करने के लिए राज्य सरकार दार्जिलिंग और सुंदरबन को वैश्विक पर्यटन स्थलों के रूप में बढ़ावा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि दुर्गा पूजा की वैश्विक ब्रांडिंग को और अधिक मजबूत करने के प्रयास तेज किए जाएंगे।
उन्होंने आगे घोषणा की कि जल्द ही एक एकीकृत पर्यटन ऐप लॉन्च किया जाएगा, जो सरकार द्वारा पंजीकृत होटलों, निधि पोर्टल पर पंजीकृत प्रतिष्ठानों, टूर ऑपरेटरों, टैक्सी सेवाओं, बुकिंग एजेंसियों और अन्य पर्यटन संबंधी सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाएगा।









