नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के लिए राहत की खबर है। स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या अब पूरी तरह से फिट हो चुके हैं और आगामी सीमित ओवरों की श्रृंखलाओं के लिए चयन हेतु उपलब्ध रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) में अपना रिटर्न टू प्ले प्रोटोकॉल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इसी वजह से सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जाने वाली वनडे और टी-२० श्रृंखला में उनके खेलने की प्रबल संभावना है।
आईपीएल २०२६ के बाद हार्दिक पहले पीठ की चोट और बाद में जांघ की मांसपेशी (हैमस्ट्रिंग) में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर रहे हैं। इसी कारण वह अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले सके। उनकी अनुपस्थिति में भारतीय टीम को ऑलराउंड विभाग में संतुलन बनाने में काफी कठिनाई हो रही थी।
अब उन्होंने अपनी फिटनेस हासिल कर ली है और मेडिकल टीम की देखरेख में सभी जरूरी टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर लिए हैं। बीसीसीआई का रिटर्न टू प्ले प्रोटोकॉल पूरा होने के बाद अब वह चयन के लिए उपलब्ध हैं।
भारत को अब १५ अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ २ टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। इसके बाद सितंबर में वेस्टइंडीज की टीम भारत के दौरे पर आएगी। दोनों देशों के बीच पहले ३ वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी और उसके बाद ५ टी-२० मैचों की सीरीज होगी। हार्दिक टेस्ट सीरीज तो नहीं खेलेंगे, लेकिन वनडे और टी-२० मैचों में उनका मैदान पर उतरना लगभग तय माना जा रहा है।
हार्दिक को भारत के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडरों में से एक माना जाता है। उनकी अनुपस्थिति में शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी और सूर्यांश शेडगे जैसे खिलाड़ियों को आजमाया गया, लेकिन कोई भी खास छाप नहीं छोड़ सका। टीम प्रबंधन की नजर अब २०२७ वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों पर है, जिसका आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। इसी वजह से फिट हार्दिक पांड्या की टीम में मौजूदगी बेहद महत्वपूर्ण होगी।









