महिला के शरीर से निकाला गया १.४१ किलोग्राम का गर्भाशय
कोलकाता: आनंदपुर स्थित फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ५१ वर्षीय महिला के शरीर से १.४१ किलोग्राम वजन वाला फाइब्रॉइड (ट्यूमर) युक्त गर्भाशय सफलतापूर्वक निकाल दिया है। लंबे समय से अत्यधिक रक्तस्राव के कारण गंभीर एनीमिया (रक्ताल्पता) से पीड़ित महिला का एडवांस्ड रोबोटिक-असिस्टेड हिस्टेरेक्टॉमी तकनीक के माध्यम से यह जटिल ऑपरेशन किया गया। विश्वभर में गर्भाशय निकालने के मामलों में १ किलोग्राम से अधिक वजन वाले गर्भाशय के मामले ५ प्रतिशत से भी कम होते हैं, इसलिए इस सफल शल्य चिकित्सा को चिकित्सा जगत में अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
मोटापे, मधुमेह और पूर्व में पेट की दो बार (सिजेरियन डिलीवरी और पित्ताशय हटाने की) सर्जरी होने के कारण मरीज के पेट के अंदर कड़े स्कार टिश्यूज मौजूद थे, जिससे पारंपरिक विधि से ऑपरेशन करना बेहद जोखिम भरा था। फोर्टिस अस्पताल आने से पहले मरीज का हीमोग्लोबिन स्तर घटकर केवल ८ ग्राम/डीएल रह गया था, जिससे वे गंभीर कमजोरी का शिकार हो चुकी थीं। विस्तृत जांच में डॉक्टरों ने पाया कि उनका गर्भाशय लगभग २६ सप्ताह की गर्भावस्था के बराबर आकार का हो चुका था, जिसमें कई फाइब्रॉइड मौजूद थे और सबसे बड़े ट्यूमर का माप १३.७ × १० सेंटीमीटर था।
अस्पताल की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट एवं रोबोटिक सर्जन डॉ. सुजाता दत्ता के नेतृत्व में इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। डॉक्टरों ने नियंत्रित रोबोटिक तकनीक का उपयोग करते हुए विशाल गर्भाशय को शरीर से सुरक्षित बाहर निकाला। डॉ. दत्ता के अनुसार, रोबोटिक तकनीक की उच्च सटीकता के कारण इतनी बड़ी सर्जरी के बावजूद मरीज का रक्तस्राव अत्यंत कम हुआ और ऑपरेशन के बाद भी उनका हीमोग्लोबिन स्तर सामान्य बना रहा। सर्जरी के बाद मरीज को बहुत कम दर्द हुआ, उनकी रिकवरी तेजी से हुई और वे एक सप्ताह के भीतर स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौट गईं। अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर आशीष मुखर्जी ने कहा कि अनुभवी विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक के संगम से अब जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही संभव हो गया है।









