नई दिल्ली: ईरान के चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी हवाई हमलों के दौरान एक तटीय निगरानी और समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल टावर पूरी तरह से जमींदोज हो गया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ द्वारा शुक्रवार को सोशल मीडिया पर इस टावर के ढहने की तस्वीर साझा किए जाने के बाद इस घटना की पुष्टि हुई है।
अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर लगातार छठी रात किए गए हमलों के सिलसिले में चाबहार पोर्ट को निशाना बनाया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने इस क्षेत्र में हमलों के तीसरे दौर की बात स्वीकार की है, हालांकि टावर के गिरने की तुरंत आधिकारिक घोषणा नहीं की। नष्ट किया गया यह टावर ईरान द्वारा वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही और अपने अर्धसैनिक बल (आईआरजीसी) की गतिविधियों की निगरानी के लिए उपयोग किया जाता था।
चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए नेपाल ने लगभग १२ करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब १ हजार करोड़ भारतीय रुपये) का भारी-भरकम निवेश कर रखा है, लेकिन इस हमले से नेपाली निवेश पूरी तरह सुरक्षित बताया जा रहा है। नेपाल का यह निवेश ‘शाहिद बेहेश्ती टर्मिनल’ के लिए क्रेन, कार्गो हैंडलिंग उपकरण और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास में लगा है। अमेरिकी हमले में ध्वस्त हुआ टावर ‘शाहिद कलंतरी पोर्ट’ वाले हिस्से में स्थित था, जिससे नेपाल द्वारा विकसित किए जा रहे टर्मिनल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
इस बीच, तेहरान ने शुक्रवार को दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से जवाबी हमले किए हैं। पिछले महीने हुए संघर्षविराम के टूटने के बाद से दोनों पक्षों के बीच रोजाना हो रहे इन हमलों ने क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।










