कहा: यूएई के जहाजों ने चेतावनी को किया था नजरअंदाज
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दो तेल टैंकरों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य भारतीयों सहित आठ लोग घायल हुए हैं। इस गंभीर सैन्य कार्रवाई के बाद अब ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (आईआरजीसी) ने अपनी सफाई पेश की है।
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक बयान में दावा किया है कि प्रभावित जहाजों ने बार-बार दी गई सुरक्षा चेतावनियों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
नेविगेशन सिस्टम बंद कर आगे बढ़ रहे थे टैंकर: ईरान
आईआरजीसी के अनुसार, दोनों सुपरट्यांकरों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का उल्लंघन करते हुए जानबूझकर अपना नेविगेशन सिस्टम बंद कर दिया था। ईरानी सेना के निर्देशों के बावजूद उन्होंने एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक समुद्री मार्ग से आगे बढ़ने की कोशिश की। IRGC ने कहा, “समुद्री चेतावनी को न मानने वाले दो सुपरटैंकरों पर सफलतापूर्वक निशाना साधा गया और उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया।”
यूएई ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
इससे पहले, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि ईरान ने क्रूज मिसाइलों के जरिए उसके दो तेल टैंकरों— ‘मोम्बासा’ और ‘अल बहिया’ को निशाना बनाया है। मृत भारतीय नागरिक ‘मोम्बासा’ टैंकर पर तैनात थे। हमले के तुरंत बाद दोनों जहाजों में आग लग गई थी, जिसे चालक दल ने सूझबूझ से नियंत्रित कर लिया।
यूएई ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। अमीराती रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस कायरतापूर्ण हमले से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता खतरे में पड़ गई है। यूएई ने स्पष्ट किया कि अपनी सीमाओं, नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए वह किसी भी तरह की जवाबी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार और अलर्ट है।
होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पर हुए इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक तेल बाजार में हलचल तेज कर दी है।









