नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज उपराष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में “द वॉयस ऑफ जस्टिस: जस्टिस गवई स्पीक्स” नामक पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने इस पुस्तक को एक महत्वपूर्ण संवैधानिक दस्तावेज बताया, जो अनुभव, संवैधानिक अनुशासन और सार्वजनिक जिम्मेदारी से आकार लेने वाले न्यायिक विचारों को जीवंत रूप से दर्शाता है।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि संवैधानिक शासन को अक्षुण्ण बनाए रखने और कानून के शासन में नागरिकों के विश्वास को सुरक्षित रखने में न्यायपालिका का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने आगे कहा कि संवैधानिक शासन को हमेशा आम नागरिकों की आकांक्षाओं और बदलती सामाजिक वास्तविकताओं के प्रति संवेदनशील व उत्तरदायी होना चाहिए।
इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. आर. गवई, कॉमनवेल्थ लीगल एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष और संपादक प्रो. (डॉ.) एस. | शिवकुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।










