​१४ जुलाई का इतिहास: भारत और विश्व

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​नई दिल्ली: इतिहास में १४ जुलाई का दिन बेहद खास है। १९४२ में आज ही के दिन ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का प्रस्ताव पारित हुआ और २०१५ में नासा के मिशन ने प्लूटो की पहली क्लोज़-अप तस्वीरें भेजीं।
​जानिए १४ जुलाई की और भी ऐतिहासिक घटनाएं, जन्म और पुण्यतिथि से जुड़ी जानकारी:
ऐतिहासिक घटनाएं~
​१२२३: फिलिप द्वितीय की मृत्यु के बाद उनके बेटे लुई फ्रांस के राजा बने।
​१४५६: हंगेरी ने ओटोमन साम्राज्य को हरा दिया था।
​१६३६: मुगल बादशाह शाहजहां ने औरंगजेब को दक्कन का वायसराय नियुक्त किया।
​१७८९: फ़्रांसिसी क्रांति की शुरुआत। क्रान्ति के दौरान बास्टिल की ऐतिहासिक जेल पर पेरिस की जनता ने अधिकार कर लिया और उसके बड़े हिस्से को तबाह कर दिया।
​१८५०: अमेरिकी वैज्ञानिक ‘जोन गोरी’ ने पहली बार दुनिया के सामने मशीन से बर्फ बनाई। इसके लिए उन्हें ‘Father of Refrigeration’ भी कहा जाता है।
​१८६१: कॉट लिंग नामक अमरीकी व्यक्ति ने अतीत के आविष्कारों के अनुभवों और अनुसंधानों के आधार पर हथियार के रूप में मशीनगन बनाई।
​१८६३ – फॉलिंग वाटर्स की लड़ाई: अमेरिकी गृहयुद्ध के बाद गेटिसबर्ग के निकट वापस लौट रही कॉन्फेडरेट सेना के पीछे से हुए झड़प को “फॉलिंग वाटर्स की लड़ाई” (बैटल ऑफ फॉलिंग वाटर्स) कहा जाता है। यह लड़ाई मैरीलैंड के वाशिंगटन काउंटी में हुई, जब संघीय काउबॉय बलों ने हॉवर्ड हेथ की रियर गार्ड डिवीजन पर हमला किया, जिसने लगभग ५०० कैदियों को पकड़ लिया और ब्रिगेडियर जनरल जे. जे. पेटिग्रू की घायल हालत में मृत्यु हो गई। यह लड़ाई यूनियन सेना की गेटिसबर्ग अभियान के अंत की निशानी मानी जाती है।
​१८६७: स्वीडन के वैज्ञानिक ‘अल्फ्रेड नोबेल’ ने पहली बार डाइनामाइट का परीक्षण किया।
​१९१४: पहले तरल ईंधन आधारित रॉकेट की डिजाइन का पेटेंट रॉबर्ट एच गोगार्ड ने हासिल किया।
​१९२७: हवाई द्वीप में विमान की पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू।
​१९३३: नाजी पार्टी ने जर्मन नागरिकों का जबरन नसबंदी कार्यक्रम शुरू किया।
​१९४०: द्वितीय विश्वयुद्ध में जर्मनी के बमवर्षक विमानों ने स्वेज पर बमबारी की।
​१९४२: महाराष्ट्र के वर्धालमें कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे बाद में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (क्विट इंडिया मूवमेंट) का नाम मिला।
​१९५१: सीबीएस टीवी नेटवर्क ने घुड़दौड़ के खेल का पहली बार रंगीन प्रसारण किया था।
​१९६५: नासा के अंतरिक्ष यान ‘मरीनर ४’ ने मंगल ग्रह के सबसे करीब से उड़ान भरी और उसकी सतह की पहली स्पष्ट तस्वीरें पृथ्वी पर भेजीं।
​१९६९: जयपुर में मालगाड़ी और यात्री गाड़ी की टक्कर में ८५ लोगों की मौत।
​१९६९: अमेरिका के वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व सिस्टम ने ५००, १,०००, ५,००० और १०,००० डॉलर के नोटों को बंद किया।
​१९७२: तत्कालीन सोभियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
​१९७६: अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी ने जिमी कार्टर को राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया।
​१९७९: यूएसएसआर ने अपना नाभिकीय टेस्ट किया था।
​१९८७: ताइवान में ३७ वर्षों के बाद मार्शल कानून समाप्त।
​१९९१: ब्रिटिश सेना ने कुर्द शरणार्थियों की मदद और सुरक्षा के बाद इराक से अपने देश लौटना शुरू किया था।
​१९९६: अमेरिका ने पाकिस्तान को ब्राउन संशोधन के अंतर्गत हथियार भेजने शुरू किये।
​१९९९: मेकरी मोरीटा पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री बने।
​२००३: रूस की येलेना इसिनबायेवा ने महिला पोल वाल्ट में नया विश्व रिकार्ड बनाया।
​२००७: फिलिस्तीन के प्रधानमंत्री सलम फयाद ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
​२००८: नेपाल की कार्यकारी संसद ने प्रधानमंत्री के निर्वाचन वाले संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी दी।
​२००८: वेनेजुएला की डायना मेंडोजा ने मिस यूनिवर्स का ख़िताब जीता।
​२०१४: इंग्लैंड के चर्च ने महिलाओं को भी बिशप बनाने के पक्ष में वोट किया।
​२०१३: भारत में आखिरी टेलीग्राम भेजा गया था। ये टेलीग्राम कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भेजा गया था। इसी के साथ १६३ साल पुरानी टेलीग्राम सेवा को देश में बंद कर दिया गया।
​२०१५: नासा का न्यू होराइजन प्लूटो पर जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना और प्लूटो की पहली क्लोज़-अप शानदार तस्वीरें लीं।
​२०१६: फ्रांस में बैस्टिल दिवस मना रहे लोगों पर एक आतंकवादी ने ट्रक चढ़ा दिया था, जिसमें ८० लोग मारे गए।
​२०१७: भारत में १४वें राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले गए थे।
​२०१७: लंदन की २४ मंजिला ‘ग्रेन्फेल टॉवर’ में लगी भीषण आग के मामले सामने आए थे, जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
​२०१८: तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी पहली आधिकारिक ब्रिटेन यात्रा पर थे।
​२०१९: भारत-पाकिस्तान के बीच वाघा बॉर्डर पर हुई बैठक में भारत के दबाव के बाद पाकिस्तान करतारपुर साहिब जाने वाले भारतीय सिख श्रद्धालुओं से वीजा की शर्त हटाने पर सहमत हुआ था।
​२०१९: इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराकर पहली बार आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप का खिताब जीता था। यह मैच ‘सुपर ओवर’ में टाई होने के बाद बाउंड्री काउंट के आधार पर तय हुआ था।
​२०१९: टेनिस के रोमांचक फाइनल में नोवाक जोकोविच ने रोजर फेडरर को हराकर अपना १६वां ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। यह इतिहास का सबसे लंबा विंबलडन फाइनल था।
​२०२१: एनटीपीसी की शाखा ने लद्दाख में भारत की पहली ‘ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी’ (प्रदूषण मुक्त ईंधन) परियोजना लगाने का समझौता किया।
​२०२१: संयुक्त अरब अमीरात ने इजराइल में अपना दूतावास खोला, जो दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों में एक नया मील का पत्थर था।
​२०२१: अमेरिकी सीनेट ने ‘उइगर फोर्स्ड लेबर प्रिवेंशन एक्ट’ पारित किया। इसके तहत चीन के शिनजियांग प्रांत से आने वाले उन उत्पादों पर रोक लगाई गई, जो जबरन मजदूरी से जुड़े थे।
​२०२३: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसराे) ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से दोपहर २:३५ बजे चंद्रयान-३ को सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
​२०२४: अमेरिका में हुए चुनाव प्रचार के दौरान एक रैली में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ जिसमें वह घायल हो गए।
​२०२४: भारत ने वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के फाइनल में पाकिस्तान को ५ विकेट से हराकर पहला खिताब अपने नाम किया।
​२०२४: ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर का ऐतिहासिक ‘रत्न भंडार’ मरम्मत और मूल्यांकन के लिए ४६ साल बाद खोला गया।
​२०२४: गाजा सिटी के नुसीरात शरणार्थी शिविर में संयुक्त राष्ट्र (यूएनआरडब्ल्यूए) के स्कूल पर हुए इजरायली हवाई हमले में कम से कम १७ फलस्तीनी मारे गए।
​२०२४: सोमालिया की राजधानी मोगादिशु में एक कैफे के बाहर हुए कार बम विस्फोट में ९ लोगों की जान चली गई।
​२०२४: विंबलडन २०२४ के फाइनल मुकाबले में कार्लोस अल्काराज़ ने नोवाक जोकोविच को हराकर खिताब जीत लिया।
​२०२५: यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने सरकार में फेरबदल की घोषणा की और यूलिया स्विरीडेंको को प्रधान मंत्री नामित किया।
१४ जुलाई को जन्मे व्यक्ति~
​१८५६: गोपाल गणेश आगरकर – प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता।
​१८५८: एमेलिन पैंखुर्स्ट – ब्रिटेन की प्रसिद्ध महिला अधिकार कार्यकर्ता (महान नेता जिन्होंने महिलाओं को वोट का अधिकार दिलाया)।
​१९००: देशबन्धु गुप्त – प्रसिद्ध राष्ट्र भक्त, स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार।
​१९०२: चन्द्रभानु गुप्त – प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री।
​१९०९: ई. एम. एस. नमबूद्रिपद – प्रसिद्ध कम्युनिस्ट नेताओं में से एक और केरल के प्रथम मुख्यमंत्री।
​१९१०: विलियम हन्ना – प्रसिद्ध ‘टॉम एंड जेरी’ कार्टून के निर्माता।
​१९१२: वुडी गुथ्री – अमेरिका के महान लोक गायक।
​१९१३: जेराल्ड फोर्ड – संयुक्त राज्य अमेरिका के ३८वें राष्ट्रपति।
​१९१७: रोशनलाल नागरथ – इन्हें सिर्फ ‘रोशन’ के नाम से भी जाना जाता है। ये हिंदी सिनेमा के बहुत प्रसिद्ध संगीतकार थे।
​१९१८: इंगलमार बर्गमैन – स्वीडेन के दिग्गज फिल्म निर्देशक।
​१९१९: सगत सिंह राठौड़ – भारतीय सेना के जांबाज लेफ्टिनेंट जनरल थे। १९७१ के भारत-पाक युद्ध में इनकी भूमिका बहुत अहम थी।
​१९२०: शंकरराव चह्वाण – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे।
​१९२९: कैलाश चंद्र जोशी – भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री थे।
​१९४२: के. कालीमुत्तु – नौवीं लोकसभा के सदस्य।
​१९४५: शिव नाडर – टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज और भारत के बड़े उद्योगपति।
​१९५४: आर. सरथकुमार – तमिल फिल्मों के जाने-माने अभिनेता, निर्देशक और राजनेता।
​१९६०: जेन – अमेरिकी अभिनेत्री (ग्लू फेम)।
​१९७१: अनिल फिरोजिया – उज्जैन से भाजपा के लोकसभा सांसद हैं।
​१९८५: फीबी वालर-ब्रिज – ब्रिटिश अभिनेत्री और लेखक।
​१९८८: कोनोर मैकग्रेगर – आयरलैंड के प्रसिद्ध मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (एमएमए) फाइटर।
​२००१: श्रीलीला – ये तेलुगु और कन्नड फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री हैं।
१४ जुलाई को हुए निधन~
​१२२३: फिलिप द्वितीय – फ्रांस के राजा।
​१८८१: बिली द किड – अमेरिका के प्रसिद्ध डाकू।
​१८९६: राजा लक्ष्मण सिंह – हिन्दी साहित्य के इतिहास से जुड़े सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे।
​१९६५: एडलाई स्टीवेंसन – अमेरिकी राजनेता और संयुक्त राष्ट्र में राजदूत।
​१९७५: मदन मोहन – हिन्दी फ़िल्मों के एक प्रसिद्ध १९५०, १९६०, और १९७० के दशक के बॉलीवुड फ़िल्म संगीत निर्देशक।
​१९८२: रमन विश्वनाथन – जानेमाने भारतीय चिकित्सा विज्ञानी थे।
​२००३: लीला चिटनिस – प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेत्री।
​१९०७: विलियम परकिन – इंग्लैंड के प्रसिद्ध रसायनज्ञ (केमिस्ट)।
​२०१५: एम. एस. विश्वनाथन – दक्षिण भारतीय फिल्मों के महान संगीतकार और गायक।
विशेष दिवस~
​विश्व चिंपांजी दिवस (वर्ल्ड चिम्पांजी डे) हर साल १४ जुलाई को मनाया जाता है। यह दिन प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ. जेन गुडॉल की याद में शुरू किया गया था। वह १४ जुलाई १९६० को पहली बार तंजानिया के जंगलों में चिंपांजी का अध्ययन करने गई थीं। इस दिन का उद्देश्य चिंपांजी के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास को बचाने और उनके उचित इलाज के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

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