दक्षिण २४ परगना: पश्चिम बंगाल के दक्षिण २४ परगना जिले में बकखाली तट के पास समुद्र में हुए एक दर्दनाक हादसे में लापता ट्रॉलर ‘मां काली’ के मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर ९ हो गई है। रविवार रात को पलटे हुए ट्रॉलर से चार और मछुआरों के शव बरामद किए गए, जबकि रविवार दिन में ही पांच शव निकाले जा चुके थे। हादसे का शिकार हुए ६ अन्य मछुआरे अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए समंदर में बड़े पैमाने पर खोजी अभियान चलाया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय मछुआरों की संयुक्त टीम ने रातभर ट्रॉलर के भीतर और आसपास सघन तलाशी अभियान चलाया। आशंका जताई जा रही है कि दुर्घटना के वक्त समुद्र की ऊंची लहरों की चपेट में आने से कुछ मछुआरे दूर बह गए होंगे। इस दुखद हादसे के संबंध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अवगत करा दिया गया है और राज्य सरकार आगे की आवश्यक कार्रवाई पर विचार कर रही है।
सुंदरवन विकास विभाग के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने रविवार रात खुद घटनास्थल का दौरा किया और पाथरप्रतिमा के गोवर्धनपुर कोस्टल थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतारामपुर घाट पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्य की रातभर निगरानी की। इस दौरान काकद्वीप अनुमंडल प्रशासन, सुंदरवन पुलिस, वन विभाग और मछुआरा संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ट्रॉलर गत २ जुलाई को दीघा के शंकरपुर बंदरगाह से मछली पकड़ने के लिए समुद्र में रवाना हुआ था। लेकिन ५ जुलाई के बाद से इस ट्रॉलर का संपर्क अचानक टूट गया। ट्रॉलर के लापता होने के बाद पुलिस, भारतीय तटरक्षक बल, नौसेना और वन विभाग ने संयुक्त रूप से खोजबीन शुरू की थी। आखिरकार, रविवार को बकखाली तट से करीब ३५ किलोमीटर दूर चुलकाठी जंगल के पास बाघेरचर इलाके में यह ट्रॉलर पलटी हुई स्थिति में मिला, जिसे खींचकर सीतारामपुर घाट लाया गया और तलाशी के दौरान अब तक ९ शव बरामद किए जा चुके हैं।










