कपास की उत्पादकता बढ़ाने के लिए ‘कपास क्रांति’ अभियान की शुरुआत, उपराष्ट्रपति का विशेष जोर

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नई दिल्ली: भारत में कपास क्षेत्र के समग्र विकास और उत्पादकता में वृद्धि के लिए ‘कपास क्रांति’ (मिशन फॉर कटन प्रोडक्टिविटी) अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा। उपराष्ट्रपति भवन में आज आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में माननीय उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान तथा कपड़ा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऐतिहासिक मिशन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में भारत के कपास पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों और इसके दूरगामी प्रभावों पर गहन चर्चा हुई।
​उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कपास क्षेत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए पेश किए गए इस मिशन के समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण की सराहना की। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने के लिए एक समयबद्ध मंजूरी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही, उन्होंने प्रति एकड़ कपास की पैदावार में सुधार के लिए स्पष्ट और मापने योग्य लक्ष्य निर्धारित करने की बात कही।
​मिशन को सफल बनाने के लिए आम जनता और किसानों के बीच व्यापक जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने बाजार की मांग के अनुरूप रणनीतियां बनाने का सुझाव दिया। बैठक में विश्वास जताया गया कि बाजार के अनुकूल रणनीतियों से भारतीय कपास की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी और गुणवत्तापूर्ण कपास की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। कृषि और कपड़ा मंत्रालय का यह संयुक्त प्रयास देश के कपास किसानों की आर्थिक उन्नति में एक नया अध्याय जोड़ेगा।

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