नई दिल्ली: भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कोयला व खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में नई दिल्ली में एक उच्च-स्तरीय बैठक संपन्न हुई। यह बैठक धनबाद और आसपास के इलाकों में हो रहे अवैध कोयला खनन और चोरी की गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। बैठक में गृह मंत्रालय, कोयला मंत्रालय, सीआईएसएफ, कोल इंडिया लिमिटेड और बीसीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गृह मंत्री शाह ने अवैध खनन और कोयले के अनधिकृत परिवहन को रोकने के लिए समयबद्ध तरीके से ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। इसी तरह ‘खान और खनिज अधिनियम, १९५७’ के तहत सीआईएसएफ और कोल इंडिया के अधिकारियों को अवैध कोयला जब्त करने, छापेमारी करने और अदालत में मामला दर्ज करने का पूरा अधिकार दिया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई के लिए सीआईएसएफ की ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ तैनात की जाएगी, जबकि उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों से लैस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही परिवहन किए जा रहे कोयले की वैधता सुनिश्चित करने के लिए जीएसटी अधिकारियों को शामिल कर हर कोयला ढुलाई में ई-वे बिल की सख्त जांच की व्यवस्था की गई है।










