नयी दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन (दान घोटाले) के मामले और उसके बाद ट्रस्ट के दो वरिष्ठ सदस्यों के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भविष्य की रणनीति तय करने के लिए ६ जुलाई को अयोध्या में बैठक होने की संभावना है। इससे पहले विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अध्यक्ष आलोक कुमार ने बैठक ७ जुलाई को होने की बात कही थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार अब यह बैठक एक दिन पहले आयोजित की जा रही है।
इस्तीफों और रिक्त पदों पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। ट्रस्ट की इस बैठक में इन इस्तीफों पर चर्चा की जाएगी और इनके स्वीकार होने की संभावना अधिक है। यदि ये इस्तीफे स्वीकार होते हैं, तो ट्रस्ट के सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद से करीब एक साल से खाली पद को मिलाकर कुल तीन पद रिक्त हो जाएंगे।
ट्रस्ट का पुनर्गठन और नए सदस्यों की नियुक्ति:
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास, वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरन और कुछ अन्य न्यासी अपनी वृद्धावस्था और अस्वस्थता के कारण सक्रिय भूमिका में नहीं हैं। ऐसे में यदि ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाता है, तो इन रिक्त पदों पर नए और सक्रिय सदस्यों की नियुक्ति पर भी विचार किया जा सकता है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद का सृजन:
विहिप और केंद्र सरकार ट्रस्ट के कामकाज को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सीईओ की नियुक्ति की पक्षधर रही है। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रस्ट की नियमावली में संशोधन किए बिना सीईओ की नियुक्ति संभव नहीं है। इस पद के लिए राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के साथ-साथ अब सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्र का नाम भी चर्चा में चल रहा है।










