दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल की शहरी विकास एवं नगर प्रशासन मंत्री अग्निमित्रा पाल ने राज्य में कचरा प्रबंधन को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने के लिए केंद्रीय तकनीक के अधिकतम उपयोग की घोषणा की है। पश्चिम बर्दवान के दुर्गापुर स्थित केंद्रीय यांत्रिक अभियान्त्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएमईआरआई) का दौरा करने के बाद उन्होंने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर केंद्र की उन्नत तकनीक का उपयोग न करने का गंभीर आरोप भी लगाया।
केंद्रीय संस्थान का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री पाल ने कहा, “पहले राजनीतिक लाभ के लिए लोगों से यह कहा जाता था कि केंद्र सरकार बंगाल को विकास से वंचित कर रही है। लेकिन अब राज्य की जनता भली-भांति समझ रही है कि बंगाल के सर्वांगीण विकास के लिए ‘डबल इंजन’ की सरकार क्यों आवश्यक है।”

कचरे से बनेगी बिजली, ईंधन और कम लागत की ईंटें
शहरी विकास मंत्री ने कहा कि राज्य के विभिन्न नगर निकायों में लंबे समय से लंबित ठोस अपशिष्ट और कचरे के ढेरों के स्थायी समाधान के लिए सीएमईआरआई की आधुनिक तकनीक को धरातल पर उतारा जाएगा। इसके तहत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:
प्लास्टिक कचरे को प्रसंस्कृत कर उससे ईंधन (फ्यूल) तैयार किया जाएगा।
गीले और जैविक कचरे से उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद बनाई जाएगी।
पेड़ों की सूखी पत्तियों से वैकल्पिक ऊर्जा और ईंधन का निर्माण होगा।
निर्माण एवं इमारतों को ढहाने से निकलने वाले मलबे से कम लागत की मजबूत ईंटें बनाने की तकनीक को सभी नगरपालिकाओं में लागू किया जाएगा।
केंद्र और राज्य के समन्वय से बढ़ेगा राजस्व
अग्निमित्रा पाल ने स्पष्ट किया कि अतीत में राज्य सरकार ने भले ही केंद्र के शोध और तकनीकी सहयोग को महत्व न दिया हो, लेकिन अब केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली को विकसित किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना के लिए राज्य सरकार आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी, जबकि सीएमईआरआई तकनीकी ज्ञान और मशीनरी सहयोग प्रदान करेगा।

इस तकनीक के माध्यम से पुराने डंपिंग ग्राउंड्स को रिसाइक्लिंग केंद्रों में बदला जाएगा, जहाँ प्लास्टिक, धातु और जैविक कचरे को अलग-अलग कर पुनर्चक्रण किया जाएगा। इससे न केवल पर्यावरण प्रदूषण में भारी कमी आएगी, बल्कि नगर निकायों को अतिरिक्त राजस्व (राजकीय आय) मिलने की भी पूरी संभावना है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर दुर्गापुर पश्चिम के विधायक लखन घुरुइ तथा दुर्गापुर पूर्व के विधायक चंद्रशेखर बनर्जी सहित संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।









