केप वर्डे का प्रभावशाली प्रदर्शन, उरुग्वे के खिलाफ ड्रॉ

photocollage_2026622124449554

मियामी: फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में अफ्रीकी देश केप वर्डे ने अपने प्रभावशाली प्रदर्शन का सिलसिला जारी रखा है। केवल ५.३० लाख की आबादी वाले इस छोटे से देश ने दो बार के चैंपियन उरुग्वे को ड्रॉ पर रोककर फुटबॉल जगत में खलबली मचा दी। अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित मियामी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप एच के मैच में केप वर्डे ने उरुग्वे को २-२ की बराबरी पर रोक दिया। केप वर्डे ने इससे पहले २०१० के चैंपियन स्पेन को भी गोलरहित ड्रॉ पर रोका था। उरुग्वे और केप वर्डे के बीच खेला गया यह मैच उतार-चढ़ाव से भरपूर रहा, जिसमें दोनों ही टीमों ने एक-एक बार बढ़त हासिल की लेकिन उसे बरकरार नहीं रख सकीं। मैच में केप वर्डे ने शुरुआती बढ़त बनाई। मैच के २१वें मिनट में केविन पिना ने फ्री-किक के जरिए गोल कर केप वर्डे को ऐतिहासिक बढ़त दिलाई थी। फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में यह इस टीम का पहला गोल है। इसके बाद ४४वें मिनट में मैक्सिमिलियानो अराउजो ने गोल करके उरुग्वे को बराबरी पर ला खड़ा किया। इसके तुरंत बाद उरुग्वे ने एक और गोल दागकर हाफ टाइम से पहले बढ़त हासिल कर ली। उरुग्वे के लिए यह दूसरा गोल ऑगस्टिन कानोबियो ने इंजरी टाइम के ६ठे मिनट में किया। हाफ टाइम तक ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे इस मैच को आसानी से जीत लेगा, लेकिन दूसरे हाफ में केप वर्डे ने असाधारण वापसी की। दूसरे हाफ में मैदान पर उतरे सुपर सब हेलियो वारेला ने मैच का पासा ही पलट दिया। मैच के ६१वें मिनट में उरुग्वे के डिफेंडर और गोलकीपर के बीच तालमेल की कमी का फायदा उठाते हुए वारेला ने गोल कर केप वर्डे को हार से बचा लिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला गोल भी है। इस ड्रॉ के बाद दोनों टीमों ने एक-एक अंक साझा किया। ग्रुप एच में स्पेन ४ अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर काबिज है। इसके बाद उरुग्वे और केप वर्डे के पास २-२ अंक हैं, लेकिन गोल अंतर के आधार पर दक्षिण अमेरिकी टीम दूसरे स्थान पर मौजूद है।

About Author

Advertisement