पश्चिम बंगाल में ‘जनकल्याण शिविर’ की अवधि एक दिन बढ़ी

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५४ योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक, मुख्यमंत्री अधिकारी ने की घोषणा

कोलकाता: पूरे राज्य में आयोजित जनकल्याण शिविरों में उमड़े जनसैलाब को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने शिविरों की अवधि को एक दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को दक्षिण २४ परगना के फलता में आयोजित एक जनकल्याण शिविर का निरीक्षण करने के बाद यह घोषणा की। इस निर्णय के बाद अब यह अभियान गुरुवार तक जारी रहेगा।
​मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय के भीतर सभी क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में शिविर आयोजित न हो पाने के कारण अभी लाभार्थियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। उन्होंने कहा, “राज्य की जनता सरकार पर अपना गहरा विश्वास जता रही है और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में इन शिविरों में पहुँच रही है।”
​एक ही मंच से केंद्र और राज्य की ५४ योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन जनकल्याण शिविरों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की ५४ विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि नागरिकों को सभी योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता के साथ और बिना किसी भ्रष्टाचार के मिले। शिविरों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है।
​आयुष्मान भारत और सूर्य घर योजना पर विशेष जोर
इन शिविरों के माध्यम से पहुँचाई जा रही ५४ योजनाओं में ‘आयुष्मान भारत योजना’ को सबसे महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे राज्य के १ करोड़ ४३ लाख परिवारों और लगभग ६.५ करोड़ लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होगा।
​इसके साथ ही उन्होंने ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ का भी विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कम आय वाले परिवार इस योजना का भरपूर लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के तहत १०० यूनिट क्षमता के लिए ३० हजार रुपये, २०० यूनिट के लिए ६० हजार रुपये तथा ३०० यूनिट क्षमता के लिए ७८ हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना का लाभ उठाने के लिए नागरिकों को जनकल्याण शिविरों में जाकर अपना पंजीकरण कराना आवश्यक है।

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