जी७ शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी और कनाडाई समकक्ष मार्क कार्नी की मुलाकात, जी२० तक महाडील पूरी करने का लक्ष्य
एवियन(फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-७ शिखर सम्मेलन के इतर कनाडा के नवनियुक्त प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक को दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से जारी राजनयिक तनाव और जमी बर्फ को पिघलाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। बैठक के दौरान दोनों राजनेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई गति देने और लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर अपनी सहमति जताई।
पीएम मोदी इस वर्ष करेंगे कनाडा का दौरा
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात के संकेत दिए कि वे इसी वर्ष कनाडा की आधिकारिक यात्रा पर जा सकते हैं। पीएम मोदी ने कनाडाई प्रधानमंत्री से कहा, “आपने मुझे कनाडा आने का निमंत्रण दिया है और मैं भी इस वर्ष वहां आने की पूरी कोशिश कर रहा हूं। मेरी कामना है कि मेरी इस यात्रा से पहले हम दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को पूरा कर उस पर हस्ताक्षर कर लें।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने कनाडा में रह रहे भारतीय समुदाय के प्रति कनाडाई सरकार के सहयोग के लिए आभार भी व्यक्त किया।
जी२० शिखर सम्मेलन तक ट्रेड डील पूरी करने की समयसीमा तय
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने व्यापार समझौते को लेकर एक निश्चित टाइमलाइन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि दोनों ही देश समयसीमा तय कर काम करना पसंद करते हैं, इसलिए आगामी जी-२० शिखर सम्मेलन तक इस व्यापार समझौते को पूरी तरह संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्नी ने आगे कहा, “हमारा लक्ष्य इस दशक के अंत तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का है और इस मजबूत साझेदारी के जरिए हम इससे भी बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह मुक्त व्यापार समझौता कनाडा के कर्मचारियों और व्यवसायों के लिए एक बहुत बड़ा अवसर साबित होगा।
ऊर्जा, तकनीक और शिक्षा पर विशेष जोर
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, नवाचार, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और ‘पीपल-टू-पीपल’ (जनता के बीच) संपर्कों को और अधिक मजबूत बनाने के तौर-तरीकों पर विस्तृत समीक्षा की। पीएम मोदी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में कनाडा भारत का एक बहुत बड़ा और विश्वसनीय भागीदार बन सकता है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों का बड़ा आदान-प्रदान हो रहा है, जो व्यापारिक संबंधों में आ रहे सुधार की पुष्टि करता है।








