गुवाहाटी: असम के राजनीतिक और सामाजिक हलकों को लंबे समय से झकझोरने वाले बहुचर्चित जुबिन गर्ग हत्याकांड मामले की कानूनी प्रक्रिया ने अब नया मोड़ ले लिया है। बुधवार से इस मामले की सुनवाई विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हो गई है, जहां आज चार महत्वपूर्ण गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। अदालत की विशेष पीठ के समक्ष उपस्थित हुए गवाहों बिरिंची बोरा, प्रभाकर फूकन, अनुज कुमार बैश्य और राजा ने कड़ी सुरक्षा के बीच घटना के दिन और उसकी पृष्ठभूमि से जुड़े तथ्यों पर अपनी गवाही दी।
अदालत के सूत्रों के अनुसार, आज की गवाही के दौरान गवाहों ने कुछ ऐसे नए तथ्य उजागर किए हैं जो इस मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। विशेष रूप से, घटना के समय और उसके आस-पास की कड़ियों को जोड़ते हुए गवाहों ने एक विशेष ब्रांड की मौजूदगी या इस्तेमाल के विषय पर अपने बयान में काफी जोर दिया है। गवाहों द्वारा बयान में उल्लेखित इस विशेष ब्रांड और उससे जुड़े घटनाक्रमों से इस हत्याकांड के छिपे हुए पहलुओं को उजागर करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कानूनी रणनीति और जांच की गोपनीयता के कारण ब्रांड के विस्तृत विवरण को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन इसने अदालत की कार्यवाही को एक नई दिशा जरूर दे दी है।
इस संवेदनशील मामले में दायर आरोप पत्र (चार्जशीट) पर बहस पिछले महीने ही सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। वर्तमान में, मामले के दूसरे और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण के तहत गवाहों के बयान दर्ज करने का काम तेजी से चल रहा है। इस बीच, घटना में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए आरोपियों द्वारा जेल से रिहा होने के लिए दायर की गई सभी जमानत याचिकाओं को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट और गौहाटी हाईकोर्ट पहले ही पूरी तरह से खारिज कर चुके हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत इसकी लगातार सुनवाई कर रही है। आज दर्ज किए गए इन महत्वपूर्ण बयानों और विशेष ब्रांड से जुड़े तथ्यों के खुलासे के बाद, आने वाले दिनों में कई रहस्यमयी कड़ियों के सामने आने और न्याय की प्रक्रिया को गति मिलने की प्रबल संभावना है।










