पेरिस: जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंड्र ज्वेरेव ने रविवार को फ्रेंच ओपन का खिताब जीतकर अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम अपने नाम कर लिया है। चार घंटे १६ मिनट तक चले रोमांचक ५ सेटों के फाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने इटली के फ्लावियो कोबोली को ६-१, ४-६, ६-४, ६-७ (५), ६-१ से पराजित कर इतिहास रच दिया। इस खिताबी जीत के साथ ही ज्वेरेव १९९६ में बोरिस बेकर के बाद ग्रैंड स्लैम जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के एक दिन बाद टेनिस के सर्वकालिक महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने सोशल मीडिया पर ज्वेरेव के लिए एक बेहद भावुक संदेश पोस्ट किया। अपने संदेश में जोकोविच ने याद किया कि वे साशा (ज्वेरेव) को तब से जानते हैं जब वे महज १० साल के थे और उनके परिवार के साथ सालों से सम्मान और मित्रता का गहरा रिश्ता रहा है। जोकोविच ने लिखा कि बचपन से ही बीमारी से लड़ते हुए और उन आलोचकों को करारा जवाब देते हुए यह खिताब जीतना बेहद खास है, जिन्होंने दावा किया था कि ज्वेरेव कभी ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाएंगे।
गौरतलब है कि ज्वेरेव महज ४ साल की उम्र से ही टाइप-१ डायबिटीज जैसी बीमारी से पीड़ित हैं, जिसका खुलासा उन्होंने २०२२ में सार्वजनिक रूप से किया था। इसके बाद उन्होंने इस बीमारी से जूझ रहे बच्चों की मदद के लिए अपने फाउंडेशन की शुरुआत भी की थी। जोकोविच ने ज्वेरेव के परिवार की भावनाओं का जिक्र करते हुए लिखा कि जीत के बाद माता-पिता, भाई और पूरी टीम की आंखों में खुशी के आंसू देखकर वे खुद भी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ज्वेरेव इस बड़ी सफलता के पूरी तरह हकदार हैं। ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में ज्वेरेव का सफर आसान नहीं रहा है; २०२० के यूएस ओपन में दो सेट की बढ़त गंवाना, २०२२ के फ्रेंच ओपन सेमीफाइनल में रफायल नडाल के खिलाफ पैर में गंभीर चोट लगना और २०२४ में फ्रेंच ओपन व ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में हार का सामना करने जैसी तमाम असफलताओं को पीछे छोड़कर उन्होंने इस बार पुराना इतिहास बदल डाला। फ्रेंच ओपन चैंपियन बनने से पहले ज्वेरेव १२५ ग्रैंड स्लैम मैच खेल चुके थे, जो टेनिस के ओपन एरा में एक नया रिकॉर्ड है।











