ढाका: बांग्लादेश की एक अदालत ने आठ वर्षीय मासूम बच्ची के बलात्कार और क्रूर हत्या के सनसनीखेज मामले में दोषी दंपती को मौत की सजा (फांसी) सुनाई है। घटना के महज १९ दिनों के भीतर आया यह फैसला बांग्लादेश के न्यायिक इतिहास में किसी भी हत्या के मामले का सबसे तेज निपटारा माना जा रहा है।ढाका मेट्रोपॉलिटन बाल उत्पीड़न रोकथाम न्यायाधिकरण ने आज रविवार को मुख्य आरोपी सोहेल राणा और उसकी पत्नी स्वप्ना खातून को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने दोनों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है और यह राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश जारी किया है।अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल होने के बाद केवल ५ दिनों के भीतर ही सुनवाई की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर यह फैसला सुनाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, बांग्लादेश के इतिहास में यह अब तक का सबसे तेज ट्रायल है।गौरतलब है कि यह दर्दनाक मामला गत १९ मई को सामने आया था, जब ढाका के पल्लबी इलाके में स्थित इस दंपती के अपार्टमेंट से बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। जांच में यह बात सामने आई कि बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सोहेल राणा ने अदालत में अपना जुर्म कबूल भी कर लिया था।इस वीभत्स घटना के बाद पूरे बांग्लादेश में भारी जनाक्रोश पैदा हो गया था और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर देशव्यापी बहस छिड़ गई थी। अदालत के इस त्वरित फैसले पर संतोष जताते हुए मृतका के पिता ने उम्मीद जताई है कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाएगी।










