नई दिल्ली: भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे (डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास की यात्रा आज एक अभूतपूर्व गति पकड़ चुकी है। इसी दिशा में देश के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए दिग्गज वैश्विक कंपनी ‘एयरट्रंक’ ने भारत में लगभग ३ लाख करोड़ रुपये (३० बिलियन अमेरिकी डॉलर) के निवेश की योजना का अनावरण किया है, जिसके तहत देश में ५ गीगावाट क्षमता का विशाल डाटा सेंटर विकसित किया जाएगा। यह देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े प्रस्तावित निवेशों में से एक है। इस बड़ी उपलब्धि पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर तस्वीरें साझा करते हुए देशवासियों के साथ यह जानकारी साझा की और गर्व व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस प्रकार के निवेश से क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति बेहद मजबूत होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इस महा-परियोजना से न केवल देश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि यह स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला (लोकल सप्लाई चेन) को भी सुदृढ़ करेगा और नवाचार-आधारित विकास (इनोवेशन-लेड ग्रोथ) को रफ्तार देगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह निवेश इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य अब तेजी से भारत में ही आकार ले रहा है।











