नई दिल्ली: आईपीएल २०२६ के फाइनल मुकाबले में खेल भावना और आचार संहिता का उल्लंघन करना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के आक्रामक बल्लेबाज टिम डेविड को बेहद भारी पड़ गया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आरसीबी और गुजरात टाइटंस के बीच खेले गए इस खिताबी मुकाबले के दौरान टिम डेविड के खिलाफ आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने कड़ा एक्शन लिया है। आईपीएल द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, डेविड पर उनकी मैच फीस का ५० प्रतिशत जुर्माना लगाने के साथ ही उन्हें २ डिमेरिट अंक भी दिए गए हैं।
यह अनुशासनात्मक घटना आरसीबी की पारी के १०वें ओवर में घटी। ओवर के दौरान एक विकेट गिरने के बाद टिम डेविड अपना आपा खो बैठे और उन्होंने गुस्से में आकर मैदान पर रखे आइस बैग को हवा में उछाल दिया, जो सीधा मैदानी अंपायर नितिन मेनन की दिशा में जाकर गिरा। आईपीएल आचार संहिता के अनुच्छेद २.९ के तहत इसे एक गंभीर अपराध माना गया है, जिसके अंतर्गत मैच के दौरान किसी भी खिलाड़ी, टीम अधिकारी, अंपायर या मैच रेफरी की तरफ अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद अथवा कोई अन्य उपकरण फेंकना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ द्वारा तय की गई इस सजा को टिम डेविड ने बिना किसी आपत्ति के स्वीकार कर लिया है। इस नई पेनाल्टी के कारण अब टिम डेविड आईपीएल २०२७ सीजन का पहला मैच नहीं खेल पाएंगे। दरअसल, इस सीजन में डेविड के खाते में पहले से ही ३ डिमेरिट अंक दर्ज थे, और अब २ नए अंक जुड़ने के साथ ही उनके कुल डिमेरिट अंकों की संख्या ५ पहुंच गई है। आईपीएल के कड़े नियमों के अनुसार, जैसे ही किसी खिलाड़ी के ५ डिमेरिट अंक पूरे होते हैं, उस पर स्वतः ही एक मैच का निलंबन (बैन) लागू हो जाता है। यही वजह है कि वह आगामी सीजन के पहले मुकाबले से बाहर रहेंगे।











