पहले फेज के लिए मिला जमीन
हावड़ा: पश्चिम बंगाल के पर्यटन क्षेत्र के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तावित ‘कोलकाता आई’ यानी ‘जायंट फेरिस व्हील’ परियोजना की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। विश्व प्रसिद्ध ‘लंदन आई’ की तर्ज पर हावड़ा के फॉरशोर रोड पर विकसित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवंटित भूमि का एक बड़ा और मुख्य हिस्सा आखिरकार निर्माण कंपनी को प्राप्त हो गया है। इससे परियोजना के भौतिक निर्माण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है और अब जल्द ही इसके शिलान्यास की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
इस बेहद खास और बड़े प्रोजेक्ट का विकास कर रही कंपनी ‘रिवरसाइड सिग्नेचर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक संदीप गुप्ता ने बताया कि निविदा (टेंडर) प्रक्रिया के माध्यम से कंपनी को दो भूखंड आवंटित किए गए थे। करीब एक वर्ष तक चले कड़े संघर्ष, कानूनी औपचारिकताओं और प्रशासनिक प्रयासों के बाद आखिरकार ३० मई को पहले भूखंड का पूर्णतः अतिक्रमण मुक्त कब्जा कंपनी को मिल गया। इसी मुख्य भूखंड पर प्रस्तावित ‘कोलकाता आई’ फेरिस व्हील की विशाल संरचना स्थापित की जाएगी।
निदेशक संदीप गुप्ता ने जानकारी दी कि यह प्रमुख भूमि लंबे समय से विभिन्न प्रकार के अवैध कब्जों के कारण अटकी हुई थी, जिससे परियोजना का कार्य धरातल पर शुरू नहीं हो पा रहा था। इस गतिरोध को दूर करने के लिए प्रशासन, पुलिस तथा संबंधित सरकारी विभागों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया गया और वैधानिक प्रक्रिया अपनाकर इसका शांतिपूर्ण समाधान निकाला गया। उन्होंने इस जटिल कार्य को कानूनी और सुचारू तरीके से संपन्न कराने के लिए हावड़ा कमिश्नरेट पुलिस सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
हालांकि, परियोजना का दूसरा भूखंड अब भी स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और अन्य उपयोगकर्ताओं के कब्जे में है, जिसके संबंध में प्रशासनिक स्तर पर बातचीत का दौर जारी है और कंपनी को उम्मीद है कि जल्द ही उसका कब्जा भी प्राप्त हो जाएगा। ‘कोलकाता आई’ केवल एक व्यावसायिक परियोजना नहीं है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल के पर्यटन, रोजगार और निवेश को एक बिल्कुल नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक प्रयास है। यह अनूठी परियोजना भविष्य में कोलकाता और हावड़ा को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देगी तथा देश-विदेश से आने वाले लाखों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेगी। भूमि का महत्वपूर्ण हिस्सा मिलने के बाद अब कंपनी ने प्रोजेक्ट के अगले तकनीकी चरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं।
यह विशाल और आधुनिक पहिया हावड़ा के किनारे फोरशोर रोड पर बनाया जाना तय किया गया है, जो हुगली नदी के तट पर प्रतिष्ठित हावड़ा ब्रिज (रवींद्र सेतु) और विद्यासागर सेतु के बीच के रणनीतिक क्षेत्र में स्थित है। इस फेरिस व्हील का व्यास (डायमीटर) न्यूनतम ७० मीटर से लेकर अधिकतम १३५ मीटर तक होने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके विशाल ढांचे में लगभग ३० से ३६ आधुनिक एयर-कंडीशनर्ड यात्री कैप्सूल लगाए जाएंगे, जिनमें एक बार में सैकड़ों लोग बैठकर शहर और नदी का विहंगम दृश्य देख सकेंगे। पर्यटकों की सहूलियत और मनोरंजन को दोगुना करने के लिए व्हील के पास ही एक बड़ा कमर्शियल और एंटरटेनमेंट हब भी विकसित किया जाएगा। आगंतुकों के लिए इस सफर को और अधिक रोमांचक बनाने के उद्देश्य से फेरिस व्हील और कमर्शियल हब को आपस में जोड़ने के लिए नदी के ऊपर लगभग ३०० मीटर लंबा एक तैरता हुआ लकड़ी का विशेष पुल (फ़्लोटिंग वुडन ब्रिज) बनाया जाएगा, जो इस पूरे प्रोजेक्ट को बेहद भव्य और अद्वितीय रूप प्रदान करेगा।









