‘नेबरहुड फर्स्ट’ और ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मिलेगी और मजबूती
नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग के साथ एक बेहद अहम और सार्थक बैठक की है। इस खास मुलाकात की कुछ चुनिंदा तस्वीरें (फुटोज) अपने ऑफिशियल फेसबुक पेज पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कई बड़ी बातें कही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति बनने के बाद यू मिन आंग ह्लाइंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना, यह हमारे लिए बेहद सम्मान की बात है। इससे भी ज्यादा खुशी की बात यह है कि उन्होंने अपनी इस भारत यात्रा की शुरुआत भगवान बुद्ध की पावन धरती बोधगया से, बुद्ध भगवान का आशीर्वाद लेकर की है। इस बैठक में भारत और म्यांमार के बीच के द्विपक्षीय संबंधों की पूरी कमान और रूपरेखा की बारीकी से समीक्षा की गई। पीएम मोदी के मुताबिक, म्यांमार हमारी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पहले पड़ोसी), ‘एक्ट ईस्ट’ और इंडो-पैसिफिक नीतियों का एक बेहद अहम और मजबूत स्तंभ है।
बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, रेयर अर्थ्स (दुर्लभ खनिज), स्वास्थ्य सेवा, कनेक्टिविटी, ऐतिहासिक धरोहरों के जीर्णोद्धार और क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्डिंग) जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही, समुद्री सुरक्षा (मैरिटाइम सिक्योरिटी), साइबर सुरक्षा और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी दोनों देश मिलकर काम करने पर सहमत हुए हैं। इस मुलाकात के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि भारत और म्यांमार के रिश्ते आने वाले दिनों में और भी ज्यादा मजबूत होंगे।










