नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान ५० दिनों के प्रारंभिक समझौता मसौदे (एमओयू) पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी मीडिया ‘एक्सियोस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, अब इस समझौते को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर की औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करना और औपचारिक वार्ता का रास्ता खोलना है। इस मसौदे में तत्काल युद्धविराम, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को जहाजों की आवाजाही के लिए खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा बातचीत शुरू करना शामिल है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, समझौते की अधिकांश शर्तों पर सहमति बन चुकी है। इस सौदे के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन पूरी तरह निर्बाध रहेगा और ईरान इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं वसूल सकेगा। इसके अलावा, ईरान को ३० दिनों के भीतर इस जलमार्ग से सभी बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। जैसे-जैसे होर्मुज जलमार्ग से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल होगी, उसी अनुपात में अमेरिका भी अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को हटा लेगा।
इस समझौते का एक और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु प्रतिबंधों में ढील से जुड़ा है। अमेरिका ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के लिए तैयार हो गया है, जिससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्वतंत्र रूप से अपना कच्चा तेल बेच सकेगा। फिलहाल, राष्ट्रपति ट्रंप अंतिम मसौदे की समीक्षा के लिए कुछ दिनों का समय और चाहते हैं, जबकि दूसरी ओर ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि उन्हें शीर्ष नेतृत्व से आवश्यक मंजूरी मिल चुकी है और वे हस्ताक्षर के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दोनों देशों के बीच इस संभावित समझौते की खबर आते ही वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी उछाल देखा गया है।









