सीबीएसई की त्रिभाषा नीति के विरोध में भाजपा नेता अन्नामलाई, निर्णय वापस लेने की मांग

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चेन्नई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता के. अन्नामलाई ने केंद्र सरकार के फैसले पर असहमति जताते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा कक्षा ९ के छात्रों के लिए जारी तीन भाषा की अनिवार्यता संबंधी हालिया अधिसूचना को तत्काल वापस लेने की मांग की है। अपनी ही पार्टी की सरकार की नीति का विरोध करते हुए अन्नामलाई ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से आग्रह किया है कि इस व्यवस्था को पहले से निर्धारित समयसीमा, यानी शैक्षणिक वर्ष २०२९-३० से ही लागू किया जाए। सीबीएसई द्वारा गत १५ मई को जारी संशोधित अधिसूचना के अनुसार, वर्तमान शैक्षणिक सत्र से ही कक्षा ९ के छात्रों के लिए तीसरी भाषा अनिवार्य कर दी गई है, जिसमें से दो भाषाएं भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए।
​भाजपा नेता अन्नामलाई ने सरकार के इस त्वरित निर्णय को छात्रों और अभिभावकों के लिए अत्यधिक असुविधाजनक और तनावपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से तमिलनाडु के छात्रों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि वे कक्षा ६ में ही अपनी पसंद की भाषा का चयन कर चुके थे। अब अचानक १ जुलाई २०२६ से कक्षा ९ के छात्रों से इतनी कम अवधि में एक नई भाषा सीखने की अपेक्षा करना उन पर मानसिक दबाव बढ़ाएगा और उनके समग्र शैक्षणिक परिणाम को प्रभावित करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अप्रैल २०२६ में जब कक्षा ६ के लिए यह नीति लागू की गई थी, तब उन्होंने इसका स्वागत किया था क्योंकि उसमें कक्षा ९ के लिए २०२९-३० की समयसीमा दी गई थी। अतः उन्होंने छात्रों के हित में इस नई घोषणा को तुरंत वापस लेकर पुरानी समयसीमा बहाल करने का निवेदन किया है।

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