नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जल्द ही एक महत्वपूर्ण मुलाकात हो सकती है। कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह बैठक जून में फ्रांस में होने वाले जी–सात शिखर सम्मेलन के दौरान संभव है।
रिपोर्ट के अनुसार, १५ से १७ जून के बीच पेरिस में आयोजित इस सम्मेलन में दोनों नेता भाग ले सकते हैं, जहां वैश्विक तनाव के माहौल में उनकी बातचीत को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस संभावित मुलाकात में पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट, ईरान से जुड़ी स्थिति, तेल संकट और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, उस पर भी बातचीत होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि मोदी और ट्रंप की अंतिम मुलाकात फरवरी २०२५ में वॉशिंगटन में हुई थी। इसके बाद रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका ने भारत पर शुल्क लगाया था, जिससे दोनों देशों के संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था। हालांकि बाद में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता हो चुका है।
फ्रांस पहले ही पुष्टि कर चुका है कि प्रधानमंत्री मोदी जी–सात सम्मेलन में भाग लेंगे। भारत इस समूह का सदस्य नहीं है, लेकिन उसे एक प्रमुख साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है।
ऐसे में वैश्विक अस्थिरता के बीच यह संभावित मुलाकात अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








