भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी ने द्विपक्षीय संबंधों में ‘नए स्वर्णिम युग’ का किया ऐलान

pm-modi-in-oslo-norway-1779198260379-1280x720

ओस्लो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्डिक देशों के नेताओं के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद कहा है कि लोकतंत्र, कानून का शासन और बहुपक्षवाद जैसे साझा मूल्य भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। ओस्लो में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने रेखांकित किया कि टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी (दिगो विकास) जैसे क्षेत्रों में दोनों पक्षों की साझा प्राथमिकताएं आपसी रिश्तों को नए अवसरों में बदल रही हैं।
​प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष २०२५ से नॉर्वे और आइसलैंड समेत यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (ईएफ़टीए) देशों के साथ व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौता लागू हो चुका है, जिसने आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा दी है। इसके अलावा भारत और यूरोपीय देशों के बीच होने वाले फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में डेनमार्क, फिनलैंड और स्वीडन जैसे देश भी शामिल हैं, जो आने वाले समय में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इन ऐतिहासिक समझौतों के जरिए भारत-नॉर्डिक संबंधों में एक “नए स्वर्णिम युग” की शुरुआत हो रही है।
​वैश्विक तनाव के मौजूदा दौर के बीच नियम-आधारित विश्व व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया जैसे संवेदनशील मुद्दों पर शांति और कूटनीति के लिए भारत का समर्थन दोहराया। इस दौरान आइसलैंड, फिनलैंड और डेनमार्क के नेताओं के साथ हुई बैठकों में स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई (एआई), ५जी६जी, क्वांटम टेक्नोलॉजी और सतत विकास जैसे भविष्य के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर गहन चर्चा हुई। इस शिखर सम्मेलन को भारत-नॉर्डिक साझेदारी को रणनीतिक रूप से और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

About Author

Advertisement