बंगाल में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलती, गरीब राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं: ममता बनर्जी

2026-05-05T143304Z_1307708111_RC2Y2LAI05VB_RTRMADP_3_INDIA-ELECTIONS

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने रविवार को एक पोस्ट में कहा कि घरों से लेकर हॉकर्स तक, गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलती और टैगोर तथा नेताजी की धरती पर भय, बल और विध्वंस के जरिए शासन नहीं किया जा सकता। ममता बनर्जी ने कहा कि आज हम जो देख रहे हैं, वह बंगाल के लोगों की गरिमा पर हमला है, जो दिहाड़ी मजदूरों, स्ट्रीट वेंडरों, छोटे दुकानदारों और संघर्षरत परिवारों के खिलाफ है, जिन्होंने ईंट-ईंट जोड़कर अपना जीवन बनाया है।
​हावड़ा स्टेशन के आसपास बड़े पैमाने पर बेदखली अभियान, तिलजला और पार्क सर्कस की सड़कों पर भड़कता असंतोष और आक्रोश, और अचानक बेघर तथा आजीविका से वंचित हुए लोगों में बढ़ती हताशा एक ऐसी सरकार को उजागर करती है जो मानवता से अधिक दिखावे को महत्व देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार पहले विध्वंस करती है और बाद में सुनती है, वह बंगाल की आत्मा को ही भूल चुकी है। बनर्जी के अनुसार, वास्तविक प्रगति इस बात से मापी जाती है कि कोई राज्य अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, न कि इस बात से कि वह उन्हें कितनी जल्दी मिटा सकता है। उन्होंने अंत में कहा कि संस्कृति, करुणा और दमन के प्रतिरोध पर निर्मित राज्य में बुलडोजर कभी भी शासन की भाषा नहीं बन सकते।

About Author

Advertisement