समंदर के रास्ते आ रहा ४६ लाख सिलेंडर रसोई गैस का बैकअप
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव और होर्मूज स्ट्रेट पर मचे घमासान के बीच भारत ने अपने नागरिकों की रसोई को सुरक्षित कर लिया है। देश में एलपीजी की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए दो विशालकाय गैस टैंकरों ने समंदर का रास्ता पार कर लिया है। इसमें से एक टैंकर भारत पहुंच चुका है, जबकि दूसरा सोमवार को दस्तक देगा। इन दोनों जहाजों से कुल ६६.४२७ मीट्रिक टन रसोई गैस की खेप मिल रही है, जिससे करीब ४६.७ लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकेंगे।
कांडला पहुंचा ‘सिमी’, मंगलौर की ओर बढ़ रहा ‘एनभी सनशाइन’
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मार्शल आइलैंड के ध्वज वाला पोत ‘सिमी’ करीब २०,००० टन एलपीजी लेकर गुजरात के कांडला पोर्ट पर शनिवार रात ही पहुंच चुका है, जहां अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू हो रही है। वहीं, वियतनाम के ध्वज वाला दूसरा महाकाय टैंकर ‘एनभी सनशाइन’ (४६.४२७ टन क्षमता) तेजी से भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहा है। इसके सोमवार १८ मई को मंगलौर पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।
४६.७ लाख परिवारों के लिए राहत, अमेरिका-यूरोप से भी इंतजाम
भारत में हर दिन ५५ लाख से अधिक सिलेंडरों की होम डिलीवरी होती है। इस लिहाज से यह नई खेप देश की करीब एक दिन की पूरी सिलेंडर डिलीवरी के बराबर है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि वैश्विक तनाव के बावजूद देश में गैस की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी। भारत अब सिर्फ खाड़ी देशों के भरोसे नहीं है, बल्कि सप्लाई चेन को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिका और यूरोप जैसे वैकल्पिक देशों से भी एलपीजी का तगड़ा इंतजाम किया गया है।











