भारत और यूएई के बीच ऊर्जा सुरक्षा पर ऐतिहासिक समझौता, एलपीजी आपूर्ति के लिए हुए करार

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दुबई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच एलपीजी आपूर्ति, रक्षा और निवेश सहित ५ प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। लगभग १८० मिनट की अपनी संक्षिप्त लेकिन कूटनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, आरबीएल बैंक और सम्मान कैपिटल में ५ अरब डॉलर के निवेश का बड़ा ऐलान भी किया।
​अबूधाबी पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया और यूएई वायुसेना के एफ-१६ फाइटर जेट्स ने उनके विमान को आसमान में एस्कॉर्ट कर विशेष सम्मान दिया। बैठक में पीएम मोदी ने यूएई को अपना “दूसरा घर” बताते हुए गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए राष्ट्रपति अल नाहयान का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और पश्चिम एशिया के ताजा हालातों पर विस्तार से चर्चा हुई। मोदी ने स्पष्ट किया कि होर्मुज स्ट्रेट का खुला और सुरक्षित रहना वैश्विक व्यापार के लिए जरूरी है और भारत शांति बहाली के लिए हर संभव सहयोग देने को तैयार है।
​एलपीजी सप्लाई के अलावा रक्षा सहयोग और वडिनार में ‘शिप रिपेयर क्लस्टर’ स्थापित करने से जुड़े महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर भी हस्ताक्षर किए गए। यूएई द्वारा ओपेक (ओपेक) छोड़ने के संकेत और २०२७ तक तेल उत्पादन बढ़ाकर ५० लाख बैरल प्रतिदिन करने की योजना के बीच यह दौरा भारतीय ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। यूएई की यात्रा संपन्न कर प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को ही अपने अगले पड़ाव, नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए।

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